
मुंबई समेत महाराष्ट्र के स्कूलों के आसपास एनर्जी ड्रिंक बेचने वाले दुकानों और इसे खरीदकर पीने वाले छात्रों के लिए बुरी खबर आने वाली है। महाराष्ट्र सरकार स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में उच्च कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने जा रही है। इस सम्बन्ध में शीघ्र आदेश जारी किया जा सकता है। इस बात की जानकारी महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) मंत्री धर्मराव बाबा आत्राम ने दी है।
धर्मराव बाबा आत्राम ने राज्य विधान परिषद को बताया कि उनका विभाग राज्य में स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में उच्च कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी करेगा। उन्होंने यह आश्वासन ऊपरी सदन में प्रश्नकाल के दौरान निर्दलीय विधायक सत्यजीत तांबे द्वारा उठाए गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए दिया। तांबे ने विधान परिषद में बच्चों और छात्रों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने नशा मुक्त महाराष्ट्र अभियान शुरू किया है। लेकिन राज्य में किराना दुकान, मॉल और स्कूल, कॉलेज के आसपास की दुकानों में कम कीमत पर कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक ख़ुलेआम बेची जा रही है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले बच्चों के लिए यह नशे की तरह ख़तरनाक हैं। मुंबई सहित राज्य के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक छात्रों के स्वास्थ्य के लिए ख़तरा बन गए हैं।
आत्राम ने कहा, “एफडीए जल्द ही राज्य में स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में उच्च कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी करेगा। मौजूदा नियमों के अनुसार, एक लीटर कार्बोनेटेड या गैर-कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में 145 मिली से 300 मिली के बीच कैफीन की मात्रा की अनुमति है।”
मंत्री धर्मराव बाबा आत्राम ने कहा कि एनर्जी ड्रिंक के विज्ञापनों के ख़िलाफ़ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) निरीक्षण के बाद ऐसे ड्रिंक बेचने वाले दुकानदारों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करेगा।
परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे ने आत्राम को प्रतिबंधित किए जाने वाले ड्रिंक्स की सूची तैयार करने और आदेश के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए इसे पूरे राज्य में एफडीए अधिकारियों के साथ प्रसारित करने का निर्देश दिया।




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