
जन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से निपटने के लिए सरकार ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों में तंबाकू सेवन निषेध केंद्र (Tobacco Cessation Centres) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस सम्बन्ध में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग यानी एनएमसी (NMC) ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों को ‘तंबाकू सेवन निषेध केंद्र’ स्थापित करने का निर्देश दिया है।
एनएमसी द्वारा जारी एक परिपत्र में कहा गया है कि “जन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, सरकार ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों में तंबाकू सेवन निषेध केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है।” इस पहल का उद्देश्य तंबाकू सेवन निषेध के लिए विशेष सेवाओं को शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवा ढांचे में एकीकृत करके स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
परिपत्र में कहा गया है, “प्रत्येक मेडिकल कॉलेज से जुड़े सभी अस्पतालों को ‘तंबाकू सेवन निषेध केंद्र’ के लिए प्रावधान करने का निर्देश दिया गया है। यह मनोचिकित्सा विभाग और/या अन्य विभागों द्वारा संचालित एक विशेष क्लिनिक हो सकता है।”
ये केंद्र ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्थापित किए जाने चाहिए, जिन्हें कॉलेज ने प्रशिक्षण के लिए अपनाया है। परिपत्र में कहा गया है कि ये केंद्र तंबाकू निषेध के साथ-साथ ‘नशा मुक्ति केंद्र’ के रूप में भी काम करेंगे।
बता दें कि भारत में वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण (GATS 2) 2016-17 के अनुसार, भारत में तंबाकू का सेवन करने वालों की संख्या दुनिया में दूसरे नंबर पर है (268 मिलियन या भारत में सभी वयस्कों का 28.6 प्रतिशत) – इनमें से कम से कम 1.2 मिलियन लोग हर साल तंबाकू से संबंधित बीमारियों से मरते हैं।




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