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शिक्षक बनीं राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, छात्रों को पढ़ाया पर्यावरण संरक्षण का पाठ

अवसर था राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यकाल का दो साल पूरे होने का। इस मौके पर वे एक शिक्षक की भूमिका में नज़र आईं। राष्ट्रपति भवन परिसर स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विद्यालय में छात्रों के साथ उनका एक संवाद सत्र आयोजित किया गया। इसमें उन्होंने कक्षा 9 के 53 छात्रों को पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाया। एक शिक्षक की भूमिका में राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से वैश्विक समस्या ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण को लेकर चर्चा की। संवाद सत्र के दौरान उन्होंने जल संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए छात्रों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। 

छात्रों से अपनी बातचीत की शुरुआत में राष्ट्रपति ने छात्रों से उनकी महत्वाकांक्षाओं और उन्हें पसंद आने वाले विषयों के बारे में पूछा और यह जानकर खुशी जताई कि वे वैज्ञानिक और डॉक्टर बनने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि हमें छह ऋतुओं के बारे में पढ़ाया जाता है, लेकिन हम ग्लोबल वार्मिंग के कारण केवल तीन गर्मी, ठंड और वर्षा का ही अनुभव करते हैं। उसमें भी खासकर गर्मी रहती है, उसका कारण ग्लोबल वार्मिंग है।
 
राष्ट्रपति ने कहा कि “दिन-प्रतिदिन तापमान बढ़ रहा है और न केवल मनुष्य बल्कि पशु, पक्षी और पेड़ सभी इसका असर महसूस कर रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग के कारण देश के कई हिस्से सूखे का सामना कर रहे हैं। इसलिए,  हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। हमें पानी की बर्बादी को कम करने और इसे संरक्षित करने के लिए भी कदम उठाने चाहिए। हमें पानी को संरक्षित करने के लिए वर्षा जल संचयन गड्ढे बनाने चाहिए।”

राष्ट्रपति ने ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के उपायों के बारे में विद्यार्थियों के सुझाव लिये। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों काे जागरूक किया। उन्होंने जल संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए उन्हें अधिकाधिक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के बारे में भी बात की और छात्रों से अपने जन्मदिन पर एक पेड़ लगाने को कहा।

उन्होंने राष्ट्रपति पद के दो साल पूरे होने पर अपनी बातचीत का समापन करते हुए कहा, “मुझे आप सभी से बातचीत करके बहुत अच्छा लगा। मुझे आपसे बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। आप कक्षा 9 में पढ़ रहे हैं और आप बहुत प्रतिभाशाली हैं। आप ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव के बारे में बहुत जागरूक हैं। मुझे यकीन है कि जब आप बड़े होंगे, तो सभी लोगों के प्रयास से ग्लोबल वार्मिंग निश्चित रूप से कम हो जाएगी।

Asmita Sarkar

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