
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए (NTA) द्वारा कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम-स्नातक यानी सीयूईटीयूजी (CUET-UG 2024) के परिणाम जारी होने के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी (UGC) ने विश्वविद्यालयों को अपना कार्यक्रम तैयार करने का निर्देश दिया गया है। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों से कहा है कि दाखिला प्रक्रिया में देरी से छात्रों को आगे दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
गौरतलब है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा-स्नातक यानी सीयूईटी-यूजी (CUET-UG) के परिणाम घोषित करने के बाद अब स्नातक दाखिला प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। इस परीक्षा के स्कोर के मुताबिक ही छात्रों को स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला दिया जाएगा। लेकिन दाखिला प्रक्रिया में इस साल काफी देरी हो चुकी है। हालांकि परिणाम आने के बाद छात्रों को दाखिला प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने इसके लिए विश्वविद्यालयों को अपना कार्यक्रम तैयार करने का निर्देश दिया है। दाखिले के समय दूर-दराज, मानसून आदि को ध्यान में रखते हुए समय देना होगा। हेल्पलाइन नंबर भी जारी करने को कहा गया है। इसके अलावा ऑनलाइन दाखिले की सुविधा भी देनी होगी ताकि छात्र कहीं से भी दाखिला फीस, दस्तावेज जमा कर सके।
यूजीसी ने अगस्त के दूसरे-तीसरे हफ्ते के बीच नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने को कहा है। हालांकि विश्वविद्यालय स्वायत्त संस्थान हैं, इसलिए वे अपने आधार पर दाखिला प्रक्रिया और नया सत्र शुरू करने का अधिकार रखते हैं। शैक्षणिक सत्र के देरी से शुरू होने का असर पढ़ाई पर नहीं पड़ेगा। कोरोना काल में भी शैक्षणिक सत्र में देर हुई थी, लेकिन छुटिट्यों में कटौती व शनिवार को कक्षाएं लगाकर सेमेस्टर सत्र समय से पूरा कर लिया गया था।
इस साल 261 केंद्रीय, राज्य, डीम्ड और निजी विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा को लेकर 13.4 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था। सीयूईटी-यूजी की परीक्षा अंग्रेजी समेत 13 भारतीय भाषाओं में हुई थी। सबसे अधिक 8,22,518 छात्रों ने अंग्रेजी माध्यम में परीक्षा दी थी। जबकि हिंदी माध्यम में 1,65,549 छात्रों ने परीक्षा दी थी। इसके अलावा कोंकणी और सिंधी में सिर्फ दो-दो छात्र थे।




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