
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर स्थित कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन छात्रों की मौत के मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। समिति में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, दिल्ली सरकार के प्रमुख सचिव (गृह), दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त और अग्निशमन सलाहकार इसके सदस्य होंगे जबकि गृह मंत्रालय में एक संयुक्त सचिव इसके संयोजक होंगे।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि समिति घटना के कारणों की जांच करेगी, जिम्मेदारी तय करेगी, उपाय सुझाएगी और नीतिगत बदलावों की सिफारिश करेगी। समिति को 30 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
वहीं, तीन छात्रों की डूबने से हुई मौत की घटना के बाद संसद से लेकर ओल्ड राजेंद्र नगर की सड़कों तक, पूरे शहर में आक्रोश नजर आ रहा है। दिल्ली सरकार और एमसीडी की लापरवाही के खिलाफ तमाम अभ्यर्थी लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों दिल्ली सरकार व एमसीडी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। साथ ही दिल्ली पुलिस के खिलाफ भी रोष व्यक्त कर रहे हैं। धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि कोई भी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं है। वह चाहते हैं कि सरकार के लोग यहां आएं और छात्रों की मौत की जिम्मेदारी लें।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सोशल मीडिया पर दिल्ली व केंद्र सरकार से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि घटना में जान गंवाने वालों को एक करोड़ रुपये की राशि उनके परिवारजनों को दी जानी चाहिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो।




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