
एनसीईआरटी (NCERT) की इकाई परख (PARAKH) ने अपनी एक रिपोर्ट में 12वीं के रिजल्ट में 9वीं, 10वीं और 11वीं के परफॉर्मेंस को भी शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। शिक्षा मंत्रालय इस रिपोर्ट को सभी राज्य बोर्ड के साथ साझा कर रहा है और सहमति बनती है तो एनसीईआरटी के इस प्लान को जल्द लागू किया जा सकता है।
परख ने पिछले साल 32 स्कूल बोर्ड के साथ चर्चा के बाद हाल ही में शिक्षा मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी है जिसमें स्कूल बोर्ड के मूल्यांकन को संरेखित करने के उपायों की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कक्षा 9, 10 और 11 में छात्रों के प्रदर्शन के आधार 12वीं का रिजल्ट तैयार होना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर इन तीनों कक्षाओं में छात्र एग्जाम में अच्छा करते हैं और निरंतर कक्षाओं में रहते हैं तो उन्हें उसका फायदा 12वीं के रिजल्ट में मिलना चाहिए। यह सिफारिश NCERT की इकाई परख ने की है। इस ईकाई की स्थापना पिछले साल हुई थी। इस ईकाई का जिक्र नई शिक्षा प्रणाली में भी है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि नौवीं कक्षा में फाइनल स्कोर का 70 फीसदी फॉर्मेटिव असेसमेंट से और 30 फीसदी समेटिव असेसमेंट से लिया जाना चाहिए। इसी तरह 10वीं में 50-50 फीसदी, 11वीं में 40-60 और 12वीं में 30-70 का हिसाब होना चाहिए। परख की रिपोर्ट में 12वीं के रिजल्ट में 9वीं की 15%, कक्षा 10वीं की 20 प्रतिशत और कक्षा 11वीं की 25 फीसदी वेटेज की कही गई है। इसके अलावा 12वीं के रिपोर्ट कार्ड में संयुक्त मूल्यांकन फॉर्मेटिव असेसमेंट (होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड, ग्रुप डिस्कशन, प्रोजेक्ट) और समेटिव असेसमेंट (टर्म एग्जाम) की भी वेटेज होगी।
जानकारी के मुताबिक, इस रिपोर्ट को शिक्षा मंत्रालय सभी राज्य स्कूल बोर्ड के साथ साझा करेगा। ताकि सभी इस पर अपनी राय दे सकें और अगर सभी की सहमति रही तो इस रिपोर्ट को जल्द लागू भी किया जा सकता है।




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