
ओल्ड राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर हादसे में जिन छात्रों की जान गई, उनके नाम पर चार पुस्तकालय बनाये जाएंगे। इस बारे में दिल्ली की मेयर शैली ओबराय ने बताया कि उन्होंने राजेंद्र नगर, मुखर्जी नगर, पटेल नगर और बेर सराय में लाइब्रेरी बनाने का आदेश आधिकारियों को दिया है। मेयर ने कहा कि हालांकि जान की क्षतिपूर्ति तो नहीं की जा सकती, लेकिन हम छात्रों के लिए सार्वजनिक पढ़ने की जगहों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बीच ओल्ड राजेंद्र नगर में बेसमेंट चल रहे कोचिंग सेंटर में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत के बाद भड़के विद्यार्थियों का प्रदर्शन अब भी जारी है। इस दौरान बड़ी संख्या में अलग-अलग जगहों से छात्र पहुंच रहे हैं। हादसे में जान गंवाने वाले नेविन डालविन के परिजन भी अभ्यर्थियों को अपना समर्थन देने पहुंचे। बृहस्पतिवार को आप सांसद संजय सिंह व विधायक दुर्गेश पाठक भी यहाँ पहुंचे थे।
आप सांसद संजय सिंह ने छात्रों को बताया कि दिल्ली सरकार और एमसीडी इस हादसे में मृतक छात्रों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देगी। साथ मृतक छात्रों की याद में लाइब्रेरी बनाई जाएंगी। इसे बनाने के लिए वह सांसद निधि से एक-एक करोड़ रुपये देंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने छात्रों के समर्थन में सड़क से लेकर संसद तक आवाज उठाई आई है और आगे भी उठाती रहेगी।
संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली में कोचिंग सेंटर्स के लिए नया कानून बनने जा रहा है। कानून बनाने की प्रक्रिया में 10 छात्रों को भी शामिल किया जाएगा। 10 लाख रुपये दिल्ली सरकार और 10 लाख रुपये एमसीडी तुरंत दे सकती है। 1 करोड़ का मुआवजा कोचिंग संस्थान की ओर से तय करवाने का प्रयास करेंगे। इसमें एक महीने का समय लग सकता है। संजय सिंह ने 10 छात्रों के नाम मांगे हैं, जो सभी मांगों को पूरा कराने में सलाह देंगे। इस दौरान छात्रों ने इस हादसे के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।




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