
नीट यूजी 2024 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2024 नीट-यूजी परीक्षा में किसी भी तरह की व्यवस्थागत पवित्रता भंग नहीं होने के सुप्रीम कोर्ट के अवलोकन ने सरकार के रुख को सही साबित कर दिया है। उन्होंने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इस फैसले ने दुष्प्रचार को खारिज कर दिया।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने लिखा, ‘सरकार छेड़छाड़ मुक्त, पारदर्शी और शून्य त्रुटि परीक्षा प्रणाली के लिए प्रतिबद्ध है। इसे सुनिश्चित करने के लिए हम विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को जल्द से जल्द लागू करेंगे, जैसे ही वे प्रस्तुत की जाती हैं।’
प्रधान ने पोस्ट में आगे लिखा कि, “निष्कर्ष और फैसला उस दुष्प्रचार को पूरी तरह से खारिज करता है जो फैलाया जा रहा था। हम लाखों मेहनती छात्रों के हितों की रक्षा करने और न्याय देने के लिए सर्वोच्च न्यायालय को तहे दिल से धन्यवाद देते हैं। हम माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को अक्षरशः लागू करेंगे।”
उन्होंने कहा, “झूठ के बादल कुछ समय के लिए सत्य के सूर्य को छिपा सकते हैं, लेकिन सत्य की हमेशा जीत होती है” और कहा कि निष्कर्ष और फैसला “प्रचार किए जा रहे दुष्प्रचार को पूरी तरह से खारिज करता है”।
गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि नीट पेपर में कोई व्यवस्थागत उल्लंघन नहीं हुआ है। लीक सिर्फ पटना और हजारीबाग तक सीमित था। सु्प्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि उसने प्रश्नपत्र लीक की चिंताओं के कारण विवादों से घिरी राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2024 परीक्षा को रद्द नहीं किया, क्योंकि इसकी शुचिता में कोई प्रणालीगत चूक नहीं पाई गई है।
हालांकि प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने 23 जुलाई को सुनाए गए आदेश के विस्तृत कारणों पर 2 अगस्त को अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को अपना ढुलमुल रवैया बंद करना चाहिए क्योंकि यह छात्रों के हित में नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केंद्र द्वारा गठित समिति परीक्षा प्रणाली की साइबर सुरक्षा में संभावित कमजोरियों की पहचान करने, जांच बढ़ाने की प्रक्रिया, परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी निगरानी के लिए तकनीकी प्रगति के लिए एसओपी तैयार करने पर भी विचार करेगी।




Add comment