
दृष्टि आईएएस (Drishti IAS) के मालिक विकास दिव्यकृति (Vikas Divyakriti) ने दिल्ली के राजेंद्र नगर में हुए कोचिंग हादसे के पीड़ितों की सहायता के लिए दो बड़ी घोषणाएं की हैं। एक तरफ हादसे में मरने वाले छात्रों के परिजनों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया है, तो दूसरी तरफ राव कोचिंग सेंटर के छात्रों को भी फ्री में पढ़ाने की घोषणा की है।
दृष्टि आईएएस की तरफ से इस सम्बन्ध में एक बयान जारी कर जानकारी दी गयी है। इसमें विकास दिव्यकीर्ति की ओर से पीड़ित परिवारों और हादसे वाले कोचिंग संस्थान के स्टूडेंट्स की ओर मदद का हाथ बढ़ाया गया है। दृष्टि आईएएस ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे मरने वाले 4 छात्रों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये अपनी तरफ से देने का ऐलान किया है, जिनमें 3 वे छात्र शामिल हैं, जिनकी मौत बेसमेंट में पानी भरने से हुई और एक अन्य विद्यार्थी नीलेश राय का निधन जलमग्न सड़क पर करंट लगने से हुआ था। विकास दिव्यकीर्ति ने पीड़ित परिवार को 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा करते हुए कहा कि कोई भी राशि बच्चों के न रहने की पीड़ा नहीं मिटा सकती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी किसी तरह की मदद की जरूरत इन परिवारों को होगी तो वह करेंगे।
वहीं विकास दिव्यकृति ने राव कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले यूपीएससी के छात्रों के लिए भी यह ऐलान किया है कि उन छात्रों को दृष्टि आईएएस में यूपीएससी की क्लास मुफ्त में दी जाएगी। इसमें सामान्य अध्ययन,टेस्ट सीरीज और वैकल्पिक विषयों की तैयारी के लिए उन्हें निशुल्क शैक्षणिक सहायता और क्लास उपलब्ध कराई जाएगी। जिन भी छात्रों को इसका लाभ लेना है, उन्हें सोमवार 5 अगस्त को दृष्टि आईएएस के करोल बाग सेंटर के कार्यालय में बुलाया गया है।
दिव्यकीर्ति ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में ओल्ड राजेंद्र नगर में हुई दो घटनाओं में चार होनहार स्टूडेंट्स का असमय निधन हुआ। एक स्टूडेंट्स नीलेश राय का निधन जलमग्न सड़क पर करंट लगने से हुआ, जबकि तीन स्टूडेंट्स श्रेया यादव, तान्या सोनी और निविन डाल्विन एक कोचिंग संस्थान की बेसमेंट में हुए आकस्मिक जलभराव के शिकार हुए। यह वक्त निश्चित तौर पर चारों बच्चों के परिवारों के लिए अत्यंत कठिन है। इस अपार दुख में हम उनके साथ खड़े हैं।




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