
नीट पेपर लीक मामले पर जारी सियासी घमासान के बीच कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और इसके प्रमुख पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जयराम रमेश ने टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष के एक ट्वीट पर रिएक्ट करते हुए ये सवाल उठाये हैं। एक्स पर लिखे अपने पोस्ट में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा- ऐसा लगता है एनटीए का एकमात्र काम आउटसोर्सिंग करना है। इसके अध्यक्ष का मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रमुख के रूप में बेहद संदिग्ध रिकॉर्ड था। जयराम ने ये टिप्पणी एक ऐसे समय में की है जब हाल ही में एनटीए चेयरमैन की जिम्मेदारी प्रदीप सिंह खरोला को सौंपी गई है।
बता दें कि टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने एक्स पर एक पत्र शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने शिक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को एक पत्र लिखा है। इसमें कुछ सवाल उठाए हैं जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री से पूछा है कि आखिर एनटीए, जो नीट समेत 17 प्रमुख परीक्षाएं आयोजित करता है, इसकी वेबसाइट अपने बारे में इतनी कम जानकारी क्यों देती है?
घोष ने शिक्षा मंत्रालय को लिखे पत्र में ये भी सवाल किया कि आखिर बोर्ड के सभी सदस्य कौन हैं? अधिकारी कौन हैं? एनटीए की वार्षिक रिपोर्ट कहां हैं? ऐसे कई सवाल पूछे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य की परीक्षाओं के लिए जनता का विश्वास जीतने के लिए एनटीए को अपनी वेबसाइट पर ज्यादा से ज्यादा जानकारी देनी चाहिए।
उन्होंने जहां एनटीए से जुड़ी डिटेल जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा तो वहीं इस पर रिएक्ट करते हुए जयराम रमेश ने एक ट्वीट किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में एनटीए चेयरमैन पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है एनटीए का एकमात्र काम आउटसोर्सिंग करना है। इसके अध्यक्ष का मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग चेयरमैन के रूप में रिकॉर्ड बेहद संदिग्ध रहा है।




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