
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के परिसर में हुई तोड़फोड़ और डॉक्टरों से मारपीट के मुद्दे का कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को संज्ञान लिया। कोर्ट ने इस मुद्दे पर बंगाल सरकार को फटकार लगाते हुए इसे सरकारी मशीनरी की नाकामी करार दे दिया।
कलकत्ता हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले को कोर्ट ने एक अस्पताल में तोड़फोड़ से जुड़ा एक ईमेल मिलने के बाद लिया है। उच्च न्यायालय ने कहा कि यह पूरी तरह राज्य मशीनरी की नाकामी है। मौके पर पुलिस बल मौजूद था। इसके बावजूद वह अपने ही लोगों को नहीं बचा पाए। यह दुखद स्थिति है। आखिर कैसे ये डॉक्टर बिना डर के काम करेंगे।
हाईकोर्ट ने आगे कहा, “आप सीआरपीसी की धारा 144 कभी भी लगा देते हैं, लेकिन जब इतनी सारी चीजें अस्पताल के पास चल रही हैं तो कम से कम पूरे क्षेत्र की घेराबंदी करनी चाहिए।” चीफ जस्टिस ने कहा कि किसी भी जगह पर 7000 लोग ऐसे ही तो चलकर नहीं आ सकते।
वहीं, कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के विरोध में देशभर में डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, मुंबई के नायर अस्पताल, दिल्ली के आरएमएल मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने आज कोलकाता की घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन दिया। आंध्र प्रदेश के मंगलगिरी स्थित एम्स के जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। हैदराबाद के गांधी अस्पताल और अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने भी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स ने कोलकाता की घटना के विरोध में धरना प्रदर्शन दिया। वहीं आरजी कर अस्पताल में डॉक्टर की हत्या और उसके बाद प्रदर्शनकारियों की रैली के दौरान हुई हिंसा के विरोध में आज सिलीगुड़ी में भी बंद रखा गया। सिलीगुड़ी में सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) ने 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
इस बीच, कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में तोड़फोड़ और हिंसा के 19 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कोलकाता पुलिस ने एक सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर लिखा कि ‘आरजी कर मेडिकल कॉलेज में तोड़फोड़ मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से पांच की पहचान सोशल मीडिया पर आए फीडबैक से हुई है।’




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