
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि उन्होंने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) को राजपत्रित परिवीक्षार्थियों की परीक्षा फिर से आयोजित करने का निर्देश दिया है। बता दें कि इस परीक्षा में प्रश्नों के गलत कन्नड़ अनुवाद की बातें सामने आयी थीं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सीएम सिद्धारमैया ने कहा, ” केपीएससी राजपत्रित परिवीक्षार्थियों की परीक्षा में प्रश्नों के अनुचित कन्नड़ अनुवाद की रिपोर्ट के मद्देनजर, मैंने सभी उम्मीदवारों के लिए निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए केपीएससी को 2 महीने के भीतर परीक्षा फिर से आयोजित करने का निर्देश दिया है।”
उन्होंने कहा, “इन खामियों के लिए जिम्मेदार लोगों को उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है। आगामी परीक्षा पूरी तरह से उचित परिश्रम के बाद पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ आयोजित की जाएगी।”
कर्नाटक स्टेट कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन एस्पिरेंट्स एसोसिएशन (केएससीईएए) ने सीएम का इस कदम के लिए आभार जताया है। अपने पोस्ट में उसने कहा, “केएएस प्रारंभिक परीक्षा की दोबारा परीक्षा की मांग पर विचार करने के लिए @CMofKarnataka को धन्यवाद।”
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और मांग की कि केपीएससी प्रमुख को बदला जाए और बाकी परीक्षाओं के परिणाम जारी किए जाएं।
इससे पहले भाजपा एमएलसी एन रवि कुमार ने कहा था कि मंगलवार को केपीएससी के 384 राजपत्रित परिवीक्षाधीन पदों के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्र में कई चूक और त्रुटियां पाई गईं, जिससे पूरी व्यवस्था हंसी का पात्र बन गई। एक बार फिर साबित हो गया कि कांग्रेस के नेतृत्व में इस कर्नाटक सरकार के कुशासन में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है।”
राज्य में 350 राजपत्रित परिवीक्षाधीन अधिकारियों के पदों को भरने के लिए 27 अगस्त को राजपत्रित परिवीक्षाधीन अधिकारियों की परीक्षा आयोजित की गई थी। कर्नाटक रक्षण वेदिके के अध्यक्ष टीए नारायण गौड़ा ने कहा था कि 400 अंकों के प्रश्नपत्र में 60 से अधिक प्रश्न गलत थे। वे प्रश्न ऐसे थे, जिन्हें छात्र नहीं जानते थे। अब दोबारा परीक्षा की आवश्यकता है। हम इस बारे में सीएम सिद्धारमैया से मिलेंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा और हम केपीएससी का घेराव करेंगे।




Add comment