
उत्तर प्रदेश के नोएडा के दनकौर कस्बे के एक इंटर कॉलेज के 11वीं कक्षा के छात्र ने गुमराह फिल्म देखकर अपने ही अपहरण की कहानी रच डाली। इस दौरान छात्र ने अपनी आवाज बदलकर परिजनों से अपहरण की रकम भी मांगी। छात्र को तलाशने वाली पुलिस टीम भी उसकी योजना को देखकर अचंभित हो गई। हालांकि उसको करीब 8 घंटे बाद राजस्थान से खोज लिया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे परिजनों को सौंप दिया। इसके लिए परिवार के लोगों ने दनकौर पुलिस टीम को सम्मानित भी किया।
रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के खेरली भाव गांव का रहने वाला 15 वर्षीय लड़का दनकौर कस्बे के एक इंटर कॉलेज में 11वीं कक्षा में पढ़ता है। वह दो भाइयों में सबसे छोटा है। उसका पिता करीब 12 वर्ष से लापता है। छात्र बुधवार को कॉलेज गया, देर शाम तक वापस नहीं लौटा। रात होने पर परिजनों की ओर से संभावित स्थानों पर तलाश की गई। लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। देर रात को छात्र ने अपने ही अपहरण की साजिश रच अपहरणकर्ता के रूप में सोशल मीडिया के एक प्लेटफॉर्म से परिजनों से पहले 50 हजार रुपये और बाद में 10 लाख रुपये की मांग की। छात्र ने रुपये नहीं देने पर हत्या की चेतावनी भी दी। बाद में वह मोबाइल पर आवाज बदलने वाले एक ऐप का प्रयोग कर लगातार धमकी भरे वाइस मैसेज भी भेजने लगा।
सूचना मिलने के बाद पुलिस उसे तलाशते हुए उसके मोबाइल की लोकेशन के माध्यम से दिल्ली जा पहुंची। लेकिन उसे इसकी भनक लग गई। इसके बाद छात्र राजस्थान के जयपुर पहुंच गया। साथ ही अपने परिवार को डरा धमकाकर 5 हजार रुपये भी ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने दनकौर कस्बा चौकी प्रभारी आशीष यादव के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया। दोनों ही टीमें राजस्थान पहुंच गईं। लेकिन छात्र काफी देर तक पुलिस को चकमा देता रहा। हालांकि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का प्रयोग कर छात्र की तलाश कर ली गई।
पूछताछ में छात्र ने पुलिस को बताया कि उसने गुमराह फ़िल्म देखकर अपने ही अपहरण की साजिश रची। उसने बताया कि वह रुपये कमाने के लिए पहले दिल्ली और राजस्थान गया। लेकिन किसी ने नौकरी नहीं दी। इसके बाद उसने यह कदम उठाया।




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