
उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के 80 हजार से अधिक पूर्व एवं वर्तमान शिक्षकों को जल्द ही उनके बकाये का भुगतान किया जाएगा। इन्हें करीब 15 वर्षों से चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान और पदोन्नति पर मिलने वाली वेतन वृद्धि इत्यादि की बकाया लगभग 200 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान होगा। गौरतलब है कि वेतन में तो इसकी बढ़ोतरी कर दी गई, लेकिन जिस तारीख से उसे लागू किया गया, उस दिन से वेतन बढ़ोतरी तक के समय की बकाया धनराशि इन्हें नहीं मिल पाई है।
अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) कॉलेजों के शिक्षक एसीपी, चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, पदोन्नति पर मिलने वाली वेतनवृद्धि के भुगतान के लिए लंबे समय से समय-समय पर अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। लेकिन उन्हें कहीं भी राहत नहीं मिली। ऐसे में योगी सरकार ने अब एडेड कॉलेजों के 80 हजार शिक्षकों को राहत देते हुए उनके बकाया भुगतान का निर्णय लिया है। विभाग की ओर से अब चरणबद्ध तरीके से मंडल स्तर पर शिविर का आयोजन होगा।
वित्त विभाग से लगभग 200 करोड़ की राशि का चार से पांच चरणों में दिये जाने का भरोसा मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने रणनीति बनायी है। धन आवंटन के साथ ही विभाग मंडलीय शिविरों में मंडल के तहत जनपदों के पूर्व और वर्तमान शिक्षकों के बकाया का भुगतान शुरू कर दिया जाएगा। शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है।
इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ शिक्षक नेता ओम प्रकाश त्रिपाठी इस संबंध में बताया कि विद्यालय से लेकर निदेशालय स्तर पर लंबित बकाया भुगतान न होने का मामला शिक्षकों ने कई बार उठाया। इतना ही नहीं यह मुद्दा विधान परिषद में भी उठाया जा चुका है। पूर्व में तीन साल के बकाया अवशेष के भुगतान की व्यवस्था निदेशालय स्तर पर की गयी थी। लेकिन बाद में इसे घटाकर एक साल कर दिया गया। इसी के चलते निदेशालय स्तर पर काफी मामले लंबित हो गये।




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