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मद्रास हाईकोर्ट ने TANUVAS को लगाई फटकार, कहा- पहचान देखकर ट्रांसजेंडर का आवेदन खारिज करना गलत

ट्रांसजेंडर के पंजीकरण को उसकी पहचान के आधार पर अस्वीकार करने पर तमिलनाडु पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय को मद्रास हाईकोर्ट ने फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति ने फटकार लगाते हुए कहा कि किसी ट्रांसजेंडर का आवेदन सिर्फ पहचान के आधार पर खारिज कर देना गलत है। न्यायमूर्ति ने इस मामले पर फैसला सुनाते हुए विवि को निर्देश दिया कि किसी भी आवेदन को पहचान के आधार पर खारिज करना गलत है। वे ऐसा नहीं कर सकते। 

गौरतलब है कि तमिलनाडु पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (TANUVAS) द्वारा स्नातक डिग्री कार्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2024-2025 के लिए प्रवेश अधिसूचना के लिए प्रॉस्पेक्टस जारी किया था। इसको ट्रांसजेंडरों को विशेष श्रेणी में वर्गीकृत न करने के कारण इसे अवैध बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति एम ढांडापानी ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।

न्यायाधीश ने कहा कि यद्यपि याचिकाकर्ता के वकील ने कई आधार पर गंभीर सवाल खड़े किए। लेकिन जब मामले के दौरान वकील ने कहा कि अदालत विश्वविद्यालय को 26 जून, 2024 को निवेथा के आवेदन पर विचार करने और उसे उचित स्थान पर रखने का निर्देश देती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय आवेदन को योग्यता के आधार पर स्वीकार और अस्वीकार करें। न्यायाधीश ने इस दौरान यह भी कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से पेश वकील को इस दलील पर कोई गंभीर आपत्ति नहीं है। 

वहीं याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि सीमित अनुरोध के मद्देनजर, विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए विवादित प्रवेश अधिसूचना में हस्तक्षेप किए बिना, अदालत ने तमिलनाडु पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय को निवेथा के आवेदन पर विचार करने के निर्देश दिए। साथ ही दो सप्ताह के भीतर उसे उचित स्थान पर रखने का निर्देश दिया। इस दौरान न्यायाधीश ने कहा, “यह स्पष्ट किया जाता है कि तीसरा प्रतिवादी (विश्वविद्यालय) याचिकाकर्ता के आवेदन को ट्रांसजेंडर होने के आधार पर खारिज नहीं करेगा।”

मद्रास हाईकोर्ट ने एक पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय को निर्देश दिया है कि वह स्नातक पाठ्यक्रम के लिए एक उम्मीदवार के आवेदन को इस आधार पर खारिज न करे कि वह ट्रांसजेंडर है।

 

Asmita Sarkar

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