
इंग्लैंड के साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय के बाद अब ऑस्ट्रेलिया की प्रसिद्ध मेलबर्न यूनिवर्सिटी ने भी भारत में अपना एक सेंटर खोलने का फैसला किया है। मेलबर्न विश्वविद्यालय ने नई दिल्ली में अपने पहले ग्लोबल सेंटर का शुभारंभ किया है। इस तरह मेलबर्न यूनिवर्सिटी भारत में अपना सेंटर खोलने वाला चौथा विदेशी सेंटर बन गया है। इससे पहले इंग्लैंड के साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय समेत ऑस्ट्रेलिया के ही दो प्रसिद्ध विश्वविद्यालय डीकिन यूनिवर्सिटी और बोलोंगांग यूनिवर्सिटी गुजरात में सेंटर खोल चुकी है।
दरअसल, नई शिक्षा नीति के तहत भारत में फॉरेन यूनिवर्सिटी के कैंपस खोलने की बात कही गई थी। भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए दरवाजा खुलने के बाद दुनिया के कई शीर्ष विश्वविद्यालय भारत में अपना सेंटर खोल रहे हैं। इससे भारतीय छात्रों को बहुत फायदा होने जा रहा है। वे विदेशी विश्वविद्यालयों की अच्छी पढ़ाई अब अपने देश में रहकर ही पढ़ सकेंगे। मेलबर्न यूनिवर्सिटी दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में से एक है। मेलबर्न यूनिवर्सिटी मौजूदा समय में क्यूएस रैकिंग में ऑस्ट्रेलिया की नंबर वन और दुनिया का 13 वां सर्वश्रेष्ठ संस्थान है। भारत में इसके सेंटर खुलने से भारतीय छात्रों को बहुत अधिक लाभ मिलेगा।
मेलबर्न यूनिवर्सिटी का ग्लोबल सेंटर फिलहाल जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय व आइआइटी सहित देश के शीर्ष शैक्षणिक और शोध संस्थानों के साथ मिलकर साझा शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करेगा। इसका फोकस देश की जरूरतों के साथ छात्रों की रुचि के ध्यान में रखकर उस दिशा में काम करना है।
मेलबर्न विश्वविद्यालय के उप-कुलपति (वैश्विक, संस्कृति और सहभागिता) माइकल वेस्ले ने कहा कि हमारा नया मेलबर्न ग्लोबल सेंटर देश में हमारी भौतिक उपस्थिति है। हमारा नया मेलबॉर्न ग्लोबल सेंटर कोई टीचिंग कैंपस नहीं है, ये सेंटर किसी तरह की अवार्ड टीचिंग जिससे यूनिवर्सिटी डिग्री मिलती है, वो ऑफर नहीं करता, लेकिन ये नॉन अवार्ड टीचिंग ऑफर करेगा जैसे कि यहां प्रोफेशनल डेवलेपमेंट या छात्रों की स्किल बढ़ाने वाले प्रोग्राम ऑफर होंगे।




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