
कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के दुष्कर्म-मर्डर केस को लेकर प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों और बंगाल सरकार के बीच बुधवार को दूसरे दौर की बातचीत हुई, लेकिन इसका भी कोई नतीजा नहीं निकला। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनरत जूनियर डॉक्टरों ने राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत के साथ वार्ता की। यह बातचीत करीब दो घंटे चली, मगर बेनतीजा रही।
सचिवालय में राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत के साथ बैठक के बाद डॉक्टरों ने कहा कि वे हताश और निराश हैं और अपनी हड़ताल को जारी रखेंगे। डॉक्टरों ने कहा बैठक में हमने मिनट्स बनाकर दिया लेकिन सरकार ने उस पर हस्ताक्षर नहीं किए। हम लिखित आश्वासन चाहते हैं। डॉक्टरों ने कहा कि वे हड़ताल वापस लेना चाहते हैं लेकिन सरकार से लिखित आश्वासन नहीं मिलने के चलते हड़ताल जारी रखने का फैसला किया। इस बैठक के बाद जूनियर डॉक्टरों ने घोषणा की कि वे अपना आंदोलन और ‘काम रोको’ अभियान तब तक जारी रखेंगे जब तक सरकार बैठक में हुई सहमति के अनुसार सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की सुरक्षा के संबंध में लिखित निर्देश जारी नहीं कर देती।
गौरतलब है कि 16 सितंबर को जूनियर डॉक्टर और ममता के बीच मीटिंग हुई थी। इसमें ममता ने डॉक्टरों की 5 में से 3 मांगें मान ली थीं। उन्होंने बीते मंगलवार को पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को पद से हटाया भी था। उनकी जगह मनोज वर्मा को कमिश्नर बनाया गया। लेकिन डॉक्टर राज्य के हेल्थ सेक्रेटरी एनएस निगम को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। सोमवार को सीएम ममता बनर्जी के साथ वार्ता के बाद डॉक्टरों ने काम पर लौटने से इनकार कर दिया था और एक बार फिर बैठक करने की बात कही थी। इसी क्रम में बुधवार को जूनियर डॉक्टरों का 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत के साथ बैठक के लिए नबन्ना पहुंचा था।




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