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जेएनवी, केवी और ईएमआरएस की छात्राओं ने की एनआईटी का दौरा कर विज्ञान में संभावनाओं की तलाश

जवाहर नवोदय विद्यालय (जिंकनगर, सुंदरगढ़), केंद्रीय विद्यालय सुंदरगढ़ और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय सुंदरगढ़ की क्लास 12वीं की छात्राओं और शिक्षिकाओं ने विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के तहत 18 सितंबर को एनआईटी राउरकेला  का दौरा किया। जेएनवी सुंदरगढ़ विज्ञान ज्योति योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय स्कूलों के साथ सहयोग कर कार्यक्रम आयोजित करने वाला नोडल स्कूल है। एनआईटी राउरकेला, जो जेएनवी सुंदरगढ़ का नॉलेज पार्टनर  है, ने इस टीम को विज्ञान प्रयोगशालाओं, केंद्रों और विभागों का दौरा कराया। एनआईटी राउरकेला के भौतिकी और खगोल विज्ञान विभाग के प्रो. एसएन दाश विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के नोडल अधिकारी हैं। कुल 49 छात्राओं ने एनआईटीआर के इस एक दिवसीय शैक्षणिक दौरे में भाग लिया।

छात्राओं का यह दौरा उद्घाटन कार्यक्रम से शुरू हुआ। छात्राओं और अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रो. एसएन दाश ने कहा, “इस प्रतिष्ठित योजना के तहत यह तीसरा कार्यक्रम है जब स्कूल की छात्राएं एनआईटी राउरकेला आई हैं। विज्ञान में महिलाओं की कम उपस्थिति एक बहुआयामी समस्या है और हमें इस समस्या को हर दृष्टिकोण से देखना होगा और इसे हल करने के लिए थोड़ा प्रयास करना होगा। इस विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के माध्यम से हम प्रारंभिक आयु से ही विज्ञान में महिलाओं की रुचि बढ़ा सकते हैं। आज दिनभर में छात्राएं विभिन्न अंडरग्रेजुएट प्रयोगशालाओं, अनुसंधान सुविधाओं, स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर आदि का दौरा करेंगी।”

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. के उमामहेश्वर राव ने सत्र में भाग लिया और कहा, “यह देखकर खुशी हो रही है कि विज्ञान ज्योति कार्यक्रम में युवा लड़कियों का एक समूह भाग ले रहा है। हम ऐसे दौर में हैं जहां महिलाएं हर क्षेत्र में बाधाओं को तोड़ रही हैं, मैं आप सभी को बड़ा सपना देखने और उसके लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। जीवन एक बार मिलने वाला अवसर है, इसलिए ऊंचे लक्ष्य रखें और इसका पूरा फायदा उठाएं। एनआईटी राउरकेला का यह दौरा आपको विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों और करियर की संभावनाओं को खोजने में मदद करेगा। मुझे उम्मीद है कि इस दौरे के बाद आप में से कुछ इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी को अपने शैक्षणिक करियर के लिए अपनाने के लिए प्रेरित होंगी।”

कार्यक्रम में शामिल हुए जेएनवी सुंदरगढ़ के प्रधानाचार्य टी. के. चटर्जी ने कहा, “यह छात्रों के लिए देश के प्रमुख संस्थानों में से एक को देखने का एक बहुत अच्छा अवसर है, जहां वे विज्ञान और प्रौद्योगिकी में विशाल संभावनाओं का पता लगा सकते हैं। इस दौरे ने उन्हें उस संस्थान की अत्याधुनिक सुविधाओं, प्रयोगशालाओं और संसाधनों को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर दिया है। मुझे यकीन है कि इस अनुभव से उनके सोचने और सपने देखने के तरीके में व्यापकता आएगी।”

एनआईटी राउरकेला के रजिस्ट्रार प्रो. रोहन धीमान ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विज्ञान संबधित विषयों के महत्व पर जोर दिया और छात्रों को डीएसटी इंडिया (विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार) के कार्यक्रमों के तहत मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि एनआईटी राउरकेला इस तरह के कार्यक्रमों को बढ़ावा देने और विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित में महिला भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए और अधिक कार्यक्रम आयोजित करेगा।

जेएनवी सुंदरगढ़ की समन्वयक,  कुमारी जयश्री ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ उद्घाटन समारोह का समापन किया। उन्होंने एनआईटी राउरकेला की टीम को इस दौरे के आयोजन और छात्राओं को मूल्यवान अनुभव प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया। छात्रों के साथ हुए बातचीत सत्र के बाद, छात्राओं ने विभागीय प्रयोगशालाओं, केंद्रीय अनुसंधान सुविधा, छात्र गतिविधि केंद्र, इनोवेशन सेल और एनआईटी राउरकेला की अन्य इकाइयों का दौरा किया।

विज्ञान ज्योति कार्यक्रम, भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य युवा महिलाओं को एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) करियर अपनाने के लिए सशक्त बनाना है। यह कार्यक्रम कार्यशालाओं और प्रमुख संस्थानों में एक्सपोज़र विजिट्स, छात्रवृत्तियों, करियर काउंसलिंग आदि के माध्यम से महिलाओं के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एक अधिक समावेशी माहौल बनाने का प्रयास करता है।

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