
तेलंगाना के आदिलाबाद में 1992 में स्थापित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) प्रशासन द्वारा उपेक्षित और दयनीय स्थिति में है। छात्रों की शिकायत सिर्फ शिक्षकों की कमी की ही नहीं है, बल्कि संस्थान में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बैनर तले आईटीआई कॉलेज के छात्रों ने शिक्षकों की कमी और बुनियादी ढांचे की कमी के खिलाफ परिसर से जिला कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालकर खिलाफ प्रदर्शन किया।
छात्रों ने आरोप लगाया कि शैक्षणिक वर्ष 15 दिन पहले शुरू हो गया था, लेकिन कक्षाएं शुरू नहीं हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोई शिक्षक नहीं है तो वे कैसे शिक्षा प्राप्त करेंगे। उन्होंने दावा किया कि प्रिंसिपल ने इस मुद्दे को हल करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है और शिक्षक पढ़ाने नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कक्षाओं में उचित बेंच, पंखे या अन्य बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं।
एबीवीपी के जिला संयोजक अक्षय ने मांग की कि सरकार शिक्षण संकाय की नियुक्ति करे और परिसर में बुनियादी ढांचे का विकास करे। आईटीआई भवन पर सरसरी निगाह डालने से ही पता चलता है कि सरकार की ओर से पूरी तरह से उदासीनता, उपेक्षा और धन की कमी है। छात्र बेंचों पर बैठते हैं और उन्होंने ही पैसे जमा करके पंखे खरीदे और उन्हें ठीक करवाया। हालांकि छात्रों को अतिरिक्त कक्षाओं और प्रयोगशालाओं की जरूरत है, लेकिन उनकी शिकायतों को सुनने वाला कोई नहीं है। एक छात्र ने बताया कि प्रयोगशालाओं में मशीनें और कंप्यूटर ठीक से काम नहीं करते हैं।




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