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CBSE Science Challenge 2026-27: कक्षा 8 से 10 के छात्रों को मिलेगा विज्ञान की समझ परखने का मौका, जानें रजिस्ट्रेशन और परीक्षा की तारीखें

CBSE Science Challenge 2026-27: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए साइंस चैलेंज प्रतियोगिता की घोषणा की है। इसमें सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में कक्षा 8, 9 और 10 में पढ़ने वाले विद्यार्थी हिस्सा ले सकेंगे। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना और उनकी तार्किक सोच, विश्लेषण करने की क्षमता तथा समस्याओं का हल निकालने के कौशल को बेहतर बनाना है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।

यह प्रतियोगिता उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकती है जो विज्ञान को केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित रखने के बजाय उसे वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़कर समझना चाहते हैं। प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों की क्षमता परखी जाएगी, जबकि दूसरे चरण में चयनित छात्रों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा।

CBSE Science Challenge 2026-27: रजिस्ट्रेशन कब और कैसे होगा?

सीबीएसई के बताए गए कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण के लिए स्कूलों का पंजीकरण 14 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। विद्यार्थी सीधे अपना आवेदन नहीं कर सकेंगे। उन्हें अपने स्कूल के माध्यम से ही प्रतियोगिता में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इसके लिए स्कूलों को सीबीएसई के निर्धारित पोर्टल cbseacad.it.nic.in/sc पर अपने विद्यालय के प्रवेश संबंधी विवरण के जरिए लॉगिन करना होगा। इसके बाद स्कूल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या दर्ज करेंगे।

जो विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते हैं, उन्हें अपने विज्ञान शिक्षक या स्कूल प्रशासन से संपर्क करना चाहिए। इससे उन्हें पंजीकरण की प्रक्रिया और स्कूल की ओर से तय की गई व्यवस्था के बारे में समय पर जानकारी मिल सकेगी।

CBSE Science Challenge की पहले चरण की परीक्षा कब होगी?

पहले चरण की प्रतियोगिता 2 नवंबर से 13 नवंबर 2026 के बीच स्कूल स्तर पर आयोजित की जाएगी। बोर्ड 2 नवंबर को पंजीकृत स्कूलों को बहुविकल्पीय प्रश्नों वाला प्रश्नपत्र और परीक्षा कराने से जुड़े निर्देश उपलब्ध कराएगा।

विद्यार्थियों को प्रश्न हल करने के लिए अधिकतम 60 मिनट मिलेंगे। इस चरण में प्रश्नों के सही उत्तर देने के साथ उन्हें हल करने में लगने वाले समय को भी महत्व दिया जाएगा। स्कूलों को परीक्षा निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने और सभी प्रतिभागियों को समान समय देने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रतियोगिता की तैयारी करने वाले छात्रों को विज्ञान की बुनियादी अवधारणाओं को अच्छी तरह समझने के साथ प्रश्नों को ध्यान से पढ़ने, तर्क के आधार पर उत्तर चुनने और निर्धारित समय में प्रश्न हल करने का अभ्यास करना चाहिए।

दूसरे चरण के लिए किन विद्यार्थियों का होगा चयन?

पहले चरण में विद्यार्थियों के प्रदर्शन के आधार पर प्रत्येक पात्र स्कूल कक्षा 8, 9 और 10 से दो-दो विद्यार्थियों का चयन कर सकेगा। इस तरह एक स्कूल से अधिकतम छह विद्यार्थी दूसरे चरण में शामिल हो सकेंगे।

दूसरे चरण के लिए स्कूलों का पंजीकरण 17 नवंबर से 25 नवंबर 2026 तक निर्धारित किया गया है। चयन के दौरान विद्यार्थियों के सही उत्तरों और प्रश्न हल करने में लगे समय, दोनों को ध्यान में रखा जाएगा। यदि दो या अधिक विद्यार्थियों के अंक समान होते हैं, तो कम समय में प्रश्न हल करने वाले विद्यार्थी को प्राथमिकता दी जाएगी।

दूसरे चरण में केवल वे स्कूल हिस्सा ले सकेंगे जिन्होंने पहले चरण की प्रक्रिया पूरी की होगी। इसलिए स्कूलों के लिए निर्धारित समयसीमा का पालन करना जरूरी होगा।

CBSE Science Challenge का दूसरा चरण कब होगा?

सीबीएसई के कार्यक्रम के मुताबिक, प्रतियोगिता का दूसरा चरण कंप्यूटर आधारित परीक्षा के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसके 30 नवंबर से 4 दिसंबर 2026 के बीच किसी एक दिन होने की संभावना है। परीक्षा की अंतिम तारीख और अन्य जरूरी निर्देश संबंधित स्कूलों को बाद में उपलब्ध कराए जाएंगे।

दूसरे चरण में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को बोर्ड की ओर से ऑनलाइन भागीदारी प्रमाणपत्र दिया जाएगा। वहीं, बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रशंसा प्रमाणपत्र भी मिलेगा।

विद्यार्थियों को कैसे करनी चाहिए तैयारी?

इस प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए विद्यार्थियों को विज्ञान के महत्वपूर्ण सिद्धांतों और कक्षा में पढ़ाए गए विषयों की समझ मजबूत करनी चाहिए। केवल तथ्यों को याद करने के बजाय यह समझना जरूरी है कि कोई वैज्ञानिक सिद्धांत कैसे काम करता है और उसे रोजमर्रा की जिंदगी में किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

छात्र बहुविकल्पीय प्रश्नों का नियमित अभ्यास कर सकते हैं। साथ ही, समय सीमा में प्रश्न हल करने की आदत विकसित करना भी उपयोगी रहेगा। स्कूलों और विज्ञान शिक्षकों की मदद से विद्यार्थी प्रतियोगिता के प्रारूप को समझ सकते हैं और अपनी तैयारी को बेहतर बना सकते हैं।

ध्यान दें: पंजीकरण, परीक्षा और प्रमाणपत्र से जुड़ी जानकारी के लिए स्कूलों को सीबीएसई के आधिकारिक परिपत्र और बाद में जारी होने वाले निर्देशों को प्राथमिकता देनी चाहिए। प्रतियोगिता की तारीखों या प्रक्रिया में बदलाव होने पर आधिकारिक सूचना ही मान्य होगी।

Raish Ahmed

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