
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), राउरकेला ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है जो संस्थान के इतिहास में एक मील का पत्थर बन गया है। एनआईटी
के फैकल्टी सदस्यों ने अपने शोध कार्यों में उत्कृष्टता के बल पर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी-एल्सेवियर शोध सर्वेक्षण के अनुसार राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला के 25 फैकल्टी सदस्यों को वैश्विक स्तर पर शीर्ष 2% सर्वाधिक उद्धरित वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। इन फैकल्टी सदस्यों को उनके कैरियर-दीर्घकालिक प्रभाव (1996-2023) और 2023 के लिए एकल-वर्ष प्रभाव के लिए रैंकिंग की दो श्रेणियों में शामिल किया गया है।
एनआईटी राउरकेला के 15 फैकल्टी सदस्यों को उनके दीर्घकालिक शोध योगदान के लिए स्वीकृति दी गयी है, जबकि 25 फैक्लटी सदस्यों को वर्ष 2023 में उनके शोध उद्धरण के लिए मान्यता दी गई है। उल्लेखनीय रूप से, 13 फैक्लटी सदस्यों ने दोनों सूचियों में जगह बनाई।
वैश्विक शैक्षणिक समुदाय में व्यापक रूप से सम्मानित यह रैंकिंग, वैज्ञानिकों को उनके शोध कार्य, उद्धरण सूचकांक और अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक मापदंडों के प्रभाव के आधार पर मान्यता देती है। स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर रैंकिंग वैज्ञानिकों के कैरियर के दौरान उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है और उनके हालिया योगदान पर भी जोर देती है, जिससे चयनित विद्वानों के लिए यह मान्यता विशेष रूप से उल्लेखनीय हो जाती है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए, प्रो. के. उमामहेश्वर राव (निदेशक, एनआईटीआर) ने कहा, “मैं अपने फैकल्टी सदस्यों को उनके उल्लेखनीय शोध योगदान और उच्च प्रभाव वाले प्रकाशनों के लिए हार्दिक बधाई देता हूं, जिन्होंने अपने क्षेत्रों में मानक स्थापित किए हैं। यह उपलब्धि अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए हमारे संस्थान की प्रतिबद्धता को उजागर करती है और हमारे फैकल्टी के काम के महत्वपूर्ण वैश्विक प्रभाव को प्रदर्शित करती है।”
इस रैंकिंग के तहत वैज्ञानिकों को साइंस-मेट्रिक्स वर्गीकरण प्रणाली के अनुसार 22 वैज्ञानिक क्षेत्रों और 174 उप-क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है। करियर-भर के डेटा को 2023 के अंत तक अपडेट किया जाता है, जबकि हाल के वर्ष के डेटा कैलेंडर वर्ष 2023 के दौरान अर्जित उद्धरणों से संबंधित हैं।




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