
नीट यूजी की चल रही काउंसलिंग प्रक्रिया के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने महाराष्ट्र में एमबीबीएस की 800 सीटें बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही 8 नए मेडिकल कॉलेजों को भी हरी झंडी दी है। इसी साल से यहां छात्रों को एडमिशन मिलना शुरू हो जाएगा। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब महाराष्ट्र में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है।
बता दें कि महाराष्ट्र को इस साल एडमिशन शुरू होने से पहले ही मुम्बई और नासिक में 50-50 MBBS सीटों के साथ दो मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी जा चुकी थी। इसके बाद गढ़चिरौली, अंबरनाथ, वाशिम, अमरावती, बुलढाणा, जालना, भंडारा और हिंगोली में बने 8 मेडिकल कॉलेजों को केंद्र सरकार से मंजूरी का इंतजार था। अपीलों पर गौर करते हुए केंद्र ने नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) को निर्देश दिया कि वह संस्थानों को 2024-25 के एकेडमिक सेशन से 100-100 सीटों के साथ एमबीबीएस कोर्स शुरू करने की परमिशन दें।
बढ़ाई गई सीटों को अभी एडमिशन प्रोसेस के तीसरे राउंड के लिए उपलब्ध सीटों के साथ जोड़ा जाएगा। पांच साल में यह दूसरी बार है जब राज्य की सरकारी मेडिकल कॉलेज की सीटों में इतना बड़ा इजाफा हो रहा है। इससे पहले साल 2019 में ईडब्ल्यूएस कोटा लागू होने के बाद सरकारी मेडिकल संस्थानों में करीबन 950 सीटें बढ़ाई गई थीं।
हालांकि मंजूरी मिलने वाले ज्यादातर कॉलेज मेडिकल कोर्स कराने को लेकर एनएमसी की ओर से तय की गईं गाइडलाइन पर खरा नहीं उतर सके। एमबीबीएस कोर्स कराने के लिए आयोग ने जो न्यूनतम जरूरतें तय की हैं, उनकी इन मेडिकल कॉलेजों में कमी पाई गई है। इन बढ़ी हुई सीटों के बाद राज्य में कुल सरकारी MBBS सीटों की संख्या 5,850 हो जाएगी। गौरतलब है कि केंद्र ने इससे पहले हाल ही में यूपी में 600 एमबीबीएस की सीटें बढ़ाई थीं।




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