
आईआईटी कानपुर में छात्रों की सुसाइड का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते एक साल में यहां चार छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। इसी क्रम में गुरुवार को आईआईटी में पीएचडी कर रही छात्रा प्रगति खायरा ने नायलान की रस्सी का फंदा बना लटककर जान दे दी। संदिग्ध परिस्थितियों में उसका शव फंदे से झूलता मिला। प्रगति कानपुर आईआईटी में अर्थ विज्ञान से पीएचडी कर रही थी।
प्रगति कानपुर की ही रहने वाले थी और पढ़ने में होनहार थी। परिवार में किसी को यक़ीन नहीं हो रहा है कि वो कैसे आत्महत्या कर सकती है। प्रगति का शव आईआईटी के हॉल नंबर चार में फंदे से लटकता हुआ मिला। आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल पाया है। उसके सहयोगियों का भी कहना है कि वो काफी हंसमुख और खुश मिजाज स्टूडेंट थी। उसके फोन नहीं उठाने पर साथी छात्राओं ने हास्टल प्रबंधन को जानकारी दी।
प्रगति की मौत की सूचना सबसे पहले गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं को लगी, जब उन्होंने प्रगति का शव पंखे से लटकते देखा, जिसके बाद ईआईटी प्रबंधन ने इस जानकारी को क्षेत्रीय पुलिस को दिया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव उतारा और फारेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। प्रगति के शव के साथ एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसमें किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का मानना है कि छात्रा ने सुसाइड के लिए रस्सी ऑनलाइन मंगवाई थी।
पुलिस उससे जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर रही है। प्रगति की मौत के बाद उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके ताऊ गोपाल दास ने बताया कि बेटी मौत को गले लगा ले ऐसी नही थी और न ही उन्होंने उसको कभी परेशान देखा। परिजनों ने आरोप लगाया कि बेटी की मौत के बाद आईआईटी के प्रबंधन की ओर से मोर्चुरी तक कोई नहीं आया। आईआईटी प्रबंधन ने बस सूचना देकर पल्ला झाड़ लिया।
वहीं आईआईटी प्रबंधन ने छात्रा की मौत पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने बताया कि प्रगति ने 2021 में एडमिशन लिया था। वो अर्थ विज्ञान से पीएचडी कर रही थी और उसकी मौत पर सभी को दुख है। इस मामले पर जांच कर कल्याणपुर पुलिस ने कहा कि वो पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतेजार कर रहे हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अपर उपायुक्त पश्चिम विजेंद्र दुबे ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। मृतका के परिजनों, टीचर्स और दोस्तों से बात की जा रही है।
छात्रा ने पांच पन्ने के अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं अपनी मौत की खुद जिम्मेदार हूं। सुसाइड नोट में प्रगति ने अपने दोस्तों के लिए लिखा ‘आप लोगों ने मुझे बहुत कोऑपरेट किया, थैंक्स’। मैं जिन्दगी में और बेहतर कर सकती थी, लेकिन कर नहीं सकी। मैं स्वीमिंग करने नहीं जा पाई। जिम नहीं जा पा रही हूं। अपनी जिन्दगी से संतुष्ट नहीं हूं। मुझे काफी कुछ करना था। जिसे मैं चाहकर भी नहीं सकी। पहले पन्ने में उसने एक लड़के का नाम, उसका मोबाइल नंबर और उसे कॉल करने की बात लिखी है और सारा पैसा और गहने उसको देने को कहा है। अगले पन्ने में जिन्दगी का दर्द और असफलता की बात कही है। लिखा कि बहुत कुछ कर सकती थी, लेकिन कर नहीं पा रही हूं।




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