
सुप्रीम कोर्ट 25 अक्तूबर को नीट पीजी 2024 से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। आधिकारिक काउंसलिंग कार्यक्रम पर इस सुनवाई का असर पड़ सकता है। गौरतलब है की नीट पीजी 2024 काउंसलिंग प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। माना जा रहा है कि मेडिकल काउंसलिंग कमेटी अदालत की सुनवाई के बाद ही काउंसलिंग कार्यक्रम जारी करेगा।
उम्मीदवारों को इस समय नीट पीजी का आधिकारिक काउंसलिंग कार्यक्रम के जारी होने का इंतजार है। हालांकि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और झारखंड जैसे राज्यों में यह प्रक्रिया चल रही है। हालांकि तमिलनाडु और राजस्थान जैसे राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के इंतजार में अपनी काउंसलिंग प्रक्रियाओं को अस्थायी तौर पर रोक दिया है।कुछ राज्यों ने तो अदालत के फैसले के इंतजार में काउंसलिंग प्रक्रिया रोक दी है।
दरअसल, नीट पीजी के कुछ उम्मीदवारों ने अनुरोध करते हुए कहा है कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज प्रश्न पत्र, उत्तर कुंजी और अंक जारी कर दे। उम्मीदवारों का तर्क है कि परीक्षा से कुछ दिन पहले परीक्षा पैटर्न में किए गए अचानक बदलावों से यह हुआ है। इन बदलाव से उम्मीदवारों को भ्रम हुआ है। उनका मानना है कि इस बदलाव से नतीजों में असर पड़ सकता है। याचिकाकर्ता सामान्यीकरण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठा रहे हैं, और वे चाहते हैं कि इसमें पारदर्शिता हो।
इस पूरे प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला बेहद जरूरी है। इस कारण से ही नीट पीजी 2024 का काउंसलिंग कार्यक्रम जारी होने में देरी हो रही है। इसके विपरीत एक हालिया समाधान काउंसलिंग प्रक्रिया को योजना के अनुसार आगे बढ़ने की अनुमति दी जा सकती है।




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