
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों से कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों में मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने को कहा है। शिक्षा निदेशालय ने जारी एक परिपत्र में कहा कि शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को कक्षाओं और प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों में बच्चों को पढ़ाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए। सर्कुलर में कहा गया है कि शिक्षकों को सीखने के लिए अधिक अनुकूल माहौल बनाना चाहिए और स्कूल में उपलब्ध स्मार्ट बोर्ड, प्रोजेक्टर और ‘के-यान’ उपकरणों का उपयोग करना चाहिए।
शिक्षा निदेशालय ने सर्कुलर में कहा, “शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों को कक्षाओं और प्रयोगशालाओं में बच्चों को पढ़ाते समय तथा पुस्तकालयों में मोबाइल फोन का उपयोग करने से बचना चाहिए।” सर्कुलर में टीचर्स से पढ़ाई के लिए अधिक अनुकूल माहौल तैयार करने का आह्वान किया गया और उनसे (टीचर्स से) स्कूल में उपलब्ध स्मार्ट बोर्ड, प्रोजेक्टर और ‘के-यान’ डिवाइस का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया। ‘के-यान’ (नॉलेज-यान-व्हीकल) ऐसा डिवाइस है, जो कंप्यूटर और प्रोजेक्टर को सिंगल डिवाइस में बदल कर दीवार या प्लेन सर्फेस को भी डिजिटल स्क्रीन में बदल देता है।
इसके अलावा दिल्ली के सरकारी स्कूलों के गेस्ट टीचर्स की अब सीबीएसई और चुनाव की ड्यूटी नहीं लगेगी। इसे लेकर शिक्षा निदेशालय ने एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि ‘गेस्ट टीचर्स को स्कूलों में टीचर्स के खाली पदों पर अस्थायी तौर पर रखा गया है और उनका कार्यकाल भी फिक्स नहीं है। इस वजह से उन्हें लंबे कार्यकाल या विशेष ड्यूटी जैसे चुनाव और सीबीएसई से जुड़े टास्क से दूर रखना चाहिए।’
गौरतलब है कि एक पुराने डीओई सर्कुलर में कहा गया था कि, माता-पिता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चे स्कूल परिसर में मोबाइल फोन न लाएं। यदि छात्र स्कूल में मोबाइल फोन लाते हैं, तो स्कूल प्राधिकरण को उन्हें लॉकर में रखने की व्यवस्था करनी चाहिए और छुट्टी होने के बाद छात्रों को मोबाइल फोन वापस लौटा देना चाहिए।




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