
गैर सरकारी संगठन अक्षय पात्र फाउंडेशन सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के गरीब बच्चों को भूख व कुपोषण से मुक्त करने के उद्देश्य से उन्हें देश के विभिन्न स्थानों में पौष्टिक मध्यान्ह भोजन देने की योजना चला रहा है। इस्पात नगरी राउरकेला में भी अक्षय पात्र फाउंडेशन राउरकेला इस्पात संयंत्र व राज्य सरकार के साथ हुए एक समझौते के तहत पिछले एक दशक से आस पास के विद्यालयों के हजारों बच्चों को मध्यान्ह भोजन उपलब्ध करा रहा है।
समझौते के अंतर्गत अक्षय पात्र फाउंडेशन 35,000 स्कूली छात्रों को प्रत्येक कार्य दिवस पर मध्याह्न भोजन उपलब्ध करा रहा है। राउरकेला इस्पात संयंत्र प्रति वर्ष इस योजना पर लगभग 2.8 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। हाल ही में समझौते की अवधि समाप्त होने के बाद इसे आगामी तीन वर्षों के लिए बढ़ाने हेतु राउरकेला इस्पात संयंत्र ने अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ 11 नवंबर को समझौता ज्ञापन का नवीकरण किया।
11 नवंबर को संयंत्र के सीएसआर विभाग के मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (नगर प्रशासन एवं सीएसआर), पी के स्वाईं और ओडिशा क्षेत्र (अक्षय पात्र फाउंडेशन –टीएपीएफ), ओडिशा के महाप्रबंधक (संचालन एवं मानव संसाधन), अरबिंदो लेंका ने सीएसआर और टीएपीएफ दोनों संस्थानों के अधिकारियों की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन तीन वर्षों की अवधि के लिए वैध रहेगा।
समझौते से लाठीकटा और बिरसा राजस्व प्रखंडों के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के 35,000 छात्र लाभान्वित होंगे। उल्लेखनीय है कि राउरकेला इस्पात संयंत्र, अक्षय पात्र फाउंडेशन और ओडिशा सरकार के संयुक्त प्रयास से वर्ष 2014 से राउरकेला में अक्षय पात्र परियोजना कार्यान्वित की जा रही है।




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