
दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने राजधानी के निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों के दाखिले के लिए आय सीमा को बढ़ा दिया है। यह सीमा अब तक एक लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। शिक्षा निदेशालय ने एक आधिकारिक राजपत्र के माध्यम से यह बताया है कि ईडब्ल्यूएस प्रवेश के लिए आयसीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया गया है।
आधिकारिक राजपत्र में शिक्षा निदेशालय ने अधिसूचित किया कि दिल्ली स्कूल शिक्षा आदेश के पिछले उप-खंड को संशोधित किया गया है और उसके स्थान पर “ऐसा बच्चा जिसके माता-पिता की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय दो लाख पचास हजार रुपये से कम है और जो दिल्ली में रह रहे हैं” रखा गया है। इसका अर्थ है कि अब जिन बच्चों के माता पिता की आय 2,50,000 से कम है, वे प्रवेश ले सकते हैं।
4 मार्च, 2024 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने एकल न्यायाधीश पीठ के उस फैसले पर रोक लगा दी थी, जिसमें कमजोर वर्ग श्रेणी के तहत पात्रता के लिए आय सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का आदेश दिया गया था। नतीजतन, ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत पात्रता के लिए आय सीमा को अगले नोटिस तक अस्थायी रूप से 5 लाख रुपये के बजाय 2.5 लाख रुपये पर सेट कर दिया गया। सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का न्यायालय का आदेश पिछले साल दिसंबर में आया था।
बता दें कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 के तहत, निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के छात्रों के लिए आरक्षित हैं।
दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने एक दिन पहले ही दिल्ली की आतिशी सरकार से प्राइवेट स्कूलों में खाली सीटों और हायर मिनिमम वेज (उच्च न्यूनतम मजदूरी) के मद्देनजर EWS कैटेगरी में एडमिशन के लिए इनकम लिमिट को बढ़ाने की सिफारिश की थी। एलजी ने दिल्ली सरकार से EWS कैटेगरी में एडमिशन के लिए इनकम लिमिट को 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने को कहा था।




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