
देश की राजधानी दिल्ली में खतरनाक प्रदूषण ने स्वास्थ्य की इमरजेंसी लगा दी है। मंगलवार की सुबह भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का मीटर 500 पर दर्ज दिखा। दिल्ली और इससे सटे आसपास के इलाकों में प्रदूषण से बिगड़ते हालात के मद्देनज़र वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान या GRAP के चरण 4 के तहत सख्त प्रदूषण नियंत्रण उपाय लागू किए हैं।
वायु प्रदूषण की गंभीरता को देखते दिल्ली में GRAP स्टेज 4 लागू कर दिया गया है। इसके तहत दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में सभी कक्षाओं की फिजिकल क्लासेस को रद्द कर दिया गया है। एक्यूआई बढ़ने से जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने भी 22 नवंबर तक ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कल से कक्षा 12वीं तक के स्कूल बंद करने के आदेश दिए हैं। सभी कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी। साथ ही एनसीआर के जिलों में से फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुरुग्राम, नोएडा में भी प्रशासन ने 12वीं तक के स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। स्कूलों को बंद करने की जानकारी दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर दी है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने X पर अपने पोस्ट में स्कूलों के बंद होने की जानकारी दी है, जिसमें कहा गया है कि, “दिल्ली-एनसीआर में पांच दिनों से अधिक समय से खराब वायु गुणवत्ता का सामना करना पड़ रहा है। GRAP-4 लागू होने के साथ, सभी छात्रों के लिए शारीरिक कक्षाएं बंद कर दी जाएंगी। सभी स्कूल अगले आदेश तक ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करेंगे।”
GRAP के चरण 4 के तहत दिल्ली-एनसीआर के लिए लागू सख्त प्रदूषण नियंत्रण के उपाय सोमवार सुबह 8 बजे से प्रभावी हो चुके हैं। दिल्ली में तो इसके तहत स्कूल बंद कर ही दिए गए हैं, हरियाणा के स्कूलों में भी कक्षा 5 तक की शारीरिक कक्षाएं अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है।
दरअसल, दिल्ली एनसीआर में तेजी से बढ़ रहे वायु प्रदूषण से हरियाणा की स्थिति भी काफी खराब हो चुकी है, जिसके बाद हरियाणा सरकार ने बढ़ते प्रदूषण के स्तर के मद्देनजर स्थिति का आकलन करने के बाद डिप्टी कमिश्नरों को अपने-अपने जिलों के स्कूलों में शारीरिक कक्षाएं अस्थायी रूप से बंद करने के लिए अधिकृत किया है। उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद, नोएडा में भी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।




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