
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईस्कूलों में शिक्षकों के प्रमोशन कोटे को बहाल करने का निर्णय लिया है। इसके तहत, एलटी और प्रवक्ता ग्रेड के 50% पद अब पदोन्नति से भरे जाएंगे। इस फैसले से करीब 10,000 से अधिक खाली पदों पर पदोन्नति का रास्ता साफ हो जाएगा, जो वर्तमान में स्कूलों में शिक्षण कार्य को प्रभावित कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग के गठन के बाद से दोनों संवर्गों में पदोन्नत कोटे से भरे जाने वाले पदों पर पदोन्नति नहीं हो रही है। दोनों संवर्गों में पदोन्नति से भरे जाने वाले 10 हजार से अधिक पद खाली हैं। ऐसे में पूर्व के माध्यमिक शिक्षा सेवा आयोग के नियमों के अनुसार ही फिलहाल पदोन्नति कोटे के पदों को भरने का शासन स्तर पर निर्णय किया गया है। इस कदम से नियमित शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सकेगा और स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकेगा।
जानकारों की माने तो पूर्व के माध्यमिक शिक्षा सेवा आयोग के अधिनियम तीन की धारा 12 में संयुक्त शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति के जरिए शिक्षकों की पदोन्नति के लिए चयन का प्रावधान है।
इसी अधिनियम की धारा 18-1 के तहत कार्यवाहक संस्था प्रधानाध्यापकों का दो महीने से रिक्त पदों पर वरिष्ठ शिक्षक की तदर्थ आधार पर प्रोन्नत कर अनुमोदन एवं नियमित प्रधानों के समान ही वेतन तक देने के भी नियम हैं। लगभग दो वर्षों से एलटी ग्रेड और प्रवक्ता ग्रेड में 50% पदोन्नति कोटे में पदोन्नतियां नहीं हो पा रही हैं




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