
आईएएस सुजाता कर्तिकेयन इन दिनों चर्चा में हैं। ओडिशा कैडर 2000 बैच की आईएएस अधिकारी सुजाता कर्तिकेयन की चाइल्डकेयर लीव बढ़ाने से राज्य सरकार ने इंकार कर दिया है। सुजाता कर्तिकेयन ने 4 नवंबर को अपनी चाइल्ड केयर लीव को छह महीने बढ़ाने के लिए आवेदन दिया था, जिसे 26 नवंबर को राज्य की भाजपा ने रिजेक्ट कर दिया। साथ ही उन्हें 27 नवंबर से सेवा में शामिल होने के लिए कहा गया।
दरअसल, ओडिशा कैडर की 2000 बैच की महिला आईएएस अधिकारी सुजाता कर्तिकेयन ने 6 माह के लिए चाइल्डकेयर लीव बढ़ाने के लिए एप्लीकेशन दिया था। ओडिशा सामान्य प्रशासन विभाग ने 26 नवंबर को नोटिस जारी कर कहा कि लीक को 6 माह के लिए बढ़ाने के आवेदन को रद्द कर दिया गया है, 27 नवंबर से आपको सेवा पर आना होगा।
महिला आईएएस अधिकारी कार्तिकेयन पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी वी.के पांडियन की पत्नी हैं। ओडिशा में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद 5 जून को कार्तिकेयन को कक्षा 10वीं की परीक्षा में बैठने वाली अपनी नाबालिग बेटी की देखभाल के लिए 26 नवंबर तक छुट्टी पर जाने की अनुमति दी गई थी। इस छुट्टी को उन्होंने छह महीने और बढ़ाने के लिए 4 नवंबर को आवेदन किया था, जिसे भाजपा सरकार ने अस्वीकार कर दिया। बता दें कि भाजपा ने सुजाता कर्तिकेयन पर बीते चुनावों में बीजद का साथ देने का आरोप लगाया गया था।
इस साल की शुरुआत में आम चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने मिशन शक्ति विभाग से कार्तिकेयन को स्थानांतरित करने का आदेश दिया था, जहां वह छह साल से तैनात थीं, जो एक गैर-सार्वजनिक विभाग है। बाद में उन्हें वित्त विभाग में विशेष सचिव के रूप में तैनात किया गया। नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली पिछली बीजद सरकार के दौरान उस समय विपक्ष में रही भाजपा ने चुनाव आयोग में कई शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसमें कार्तिकेयन पर बीजद के एक अग्रणी व्यक्ति के रूप में चुनावों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आरोप लगाया गया था।
भाजपा का आरोप था कि मिशन शक्ति के तहत सरकार ने लगभग 70 लाख ग्रामीण महिलाओं को छह लाख स्वयं सहायता समूहों में संगठित किया था। इसका उपयोग बीजेडी के लिए वोट प्राप्त करने के लिए किया जा रहा था। भाजपा ने चुनाव के दौरान उनकी निलंबन की भी मांग की थी।
2000 बैच ओडिशा कैडर की आईएएस अधिकारी सुजाता कर्तिकेयन मूल रूप से झारखण्ड के जमशेदपुर की रहने वाली हैं। 1999 में उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की थी और उनका चयन आईएएस पद पर हुआ था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मास्टर की डिग्री हासिल की है। वहीं ओडिशा कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी व बीजद नेता वी.के पांडियन की पत्नी हैं।




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