
बिहार में सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी यानी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) के 4500 पदों पर नियुक्ति के लिए रविवार को आयोजित ऑनलाइन परीक्षा प्रश्न पत्र लीक होने की आशंका को लेकर रद्द कर दी गई है। इस मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने एक साथ 12 सेंटर पर छापेमारी की और 37 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। इनमें सेंटर संचालक, शाइन टेक प्राइवेट लिमिटेड के लोग, ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों के प्रमुख, ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों के आईटी प्रबंधक, परीक्षा समन्वयक और आईटी सहायक कर्मचारी शामिल हैं।
आर्थिक अपराध इकाई की जांच में यह सामने आया है कि सॉल्वर गैंग इस परीक्षा में गड़बड़ी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि तीन ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों पर जांच के दौरान, यह पाया गया कि प्रॉक्सी सर्वर, रिमोट व्यूइंग एप्लिकेशन और सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके, एक सॉल्वर गिरोह को वास्तविक समय में ऑनलाइन आधारित परीक्षा तक अनधिकृत पहुंच प्रदान की गई थी। पटना में 12 सेंटरों पर छापेमारी के दौरान संदिग्धों के पास से व्हाट्सएप चैट, ईमेल, ऑडियो मिले हैं। इसमें परीक्षा में गड़बड़ी के सबूत मिले। इसके बाद ही परीक्षा रद्द की गई।
उधर, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ता संरक्षित पेपर लीक माफिया ने फिर बड़ा कारनामा किया। उन्होंने कहा कि सीएचओ की हुई ऑनलाइन परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद इसे रद्द करना पड़ा। बिहार में कोई भी ऐसी परीक्षा नहीं हो रही, जिसमें बीजेपी, जेडीयू की घालमेल वाली सत्ता प्रायोजित धांधली नहीं हो रही है। गड़बड़ी सबके सामने आ गई तो मजबूरी में यह सरकार उसे रद्द करती है, अन्यथा परीक्षा को साफ-सुथरा करार देकर परीक्षा माफिया से हुई कमाई का बंदरबांट कर लिया जाता है।
बता दें कि यह परीक्षा रविवार को पटना स्थित 12 ऑनलाइन केंद्रों पर आयोजित की गई थी। बिहार सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भर्ती परीक्षा को अनियमितता की रिपोर्ट मिलने के बाद सोमवार को रद्द कर दिया। राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने तीन केंद्रों पर ऑनलाइन परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर ‘अनियमितता बरते जाने और कदाचार’ का पता लगाया है। इस मामले में ईओयू ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि साक्ष्य के तौर पर कई चीजें बरामद की गई हैं। आर्थिक अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है।




Add comment