
सीयूईटी देने वाले छात्रों के लिए बेहतर, अधिक कुशल और अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए परीक्षा प्रक्रिया में निरंतर सुधार के तहत यूजीसी ने एक बड़ा फैसला लिया है। यूजीसी ने सीयूईटी यूजी परीक्षा में कई बदलाव किए हैं, जोकि सत्र 2025 से देखने को मिलेंगे।
यूजीसी प्रमुख जगदीश कुमार ने बताया कि छात्रों को कक्षा 12वीं में पढ़े गए विषयों की परवाह किए बिना किसी भी विषय में सीयूईटी-यूजी के लिए उपस्थित होने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही, यह परीक्षा अब केवल कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित की जाएगी।
यूजीसी के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने बताया कि 2025 से छात्र सीयूईटी-यूजी में अधिकतम पांच विषयों की परीक्षा दे सकेंगे। सभी सीयूईटी-यूजी परीक्षाओं की अवधि 60 मिनट होगी। इसके साथ ही परीक्षा में वैकल्पिक प्रश्नों की अवधारणा को भी समाप्त कर दिया गया है और अब सभी प्रश्न अनिवार्य होंगे।
2025 सत्र से सीयूईटी-यूजी 37 के बजाय 63 विषयों में आयोजित की जाएगी। हटाए गए विषयों के लिए प्रवेश सामान्य योग्यता परीक्षा (जीएटी) के अंकों के आधार पर आयोजित किए जाएंगे।
यूजीसी ने सीयूईटी यूजी (CUET UG) और पीजी (CUET PG) के संचालन की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। इस पैनल द्वारी की गई समीक्षा के बाद ये बदलाव किए गए हैं।
यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार ने बताया था कि आयोग जल्द ही सीयूईटी-यूजी और सीयूईटी-पीजी 2025 आयोजित करने के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों का विवरण देते हुए एक मसौदा प्रस्ताव जारी करेगा, जिसमें छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और संस्थानों से फीडबैक और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।
यूजीसी प्रमुख जगदीश कुमार ने बताया कि छात्रों को कक्षा 12वीं में पढ़े गए विषयों की परवाह किए बिना किसी भी विषय में सीयूईटी-यूजी के लिए उपस्थित होने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही, यह परीक्षा अब केवल कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित की जाएगी।
2024 में पहली बार हाइब्रिड मोड में परीक्षा आयोजित की गई थी। इसे लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देते हुए आयोजित होने से एक रात पहले दिल्ली भर में रद्द कर दिया गया था।




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