
दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर (Faculty of Law) में छात्रों का 8 घंटे से ज़्यादा का प्रदर्शन पुलिस के आने के बाद सोमवार रात हंगामेदार हो गया। छात्र परीक्षा स्थगित करने की मांग कर रहे थे। छात्रों को हटाने के दौरान हंगामा हो गया। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्रों को चोटें आईं हैं। उनकी शिकायतें अधूरा सिलेबस,बीच में फैकल्टी बदलना,देर से अलॉटमेंट और अचानक सिलेबस अपडेट जैसी समस्याएं थीं।
उनकी शिकायत है कि छात्र 8 घंटे से अधिक समय से शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन इस दौरान न तो प्रशासन ने उन्हें सुना, ऊपर से पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए लाठियां बरसाईं। हालांकि पुलिस ने लाठी चार्ज के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कोई लाठीचार्ज या बल प्रयोग नहीं हुआ। छात्र सुबह से अपनी मांगों पर अड़े हुए थे और उन्होंने लॉ फैकल्टी के गेट पर बैरिकेडिंग कर दी थी, जिससे डीन बाहर नहीं निकल पा रहे थे। डीन और फैकल्टी प्रॉक्टर ने दिल्ली पुलिस से मदद मांगी, जिसके बाद पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान पहुंचे।
विधि संकाय में 26 दिसंबर से परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। छात्रों का आरोप है कि कई विषयों का पाठ्यक्रम अभी पूरा नहीं हुआ है। अतिथि शिक्षक छात्रों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन वह पूरा समय नहीं दे रहे हैं। ऐसे में ज्यूडीस प्रूडेंस का पाठ्यक्रम अभी पूरा नहीं हुआ है।
एक छात्र ने बताया कि इस कोर्स में भारतीय ज्ञान परंपरा को जोड़ा गया है। और पहले का पश्चिमी कानून इसमें शामिल है। ऐसे में इसका पाठ्यक्रम बहुत बढ़ गया है। शिक्षक इसे पूरा नहीं करा पाए हैं। इसलिए छात्र मांग कर रहे थे कि जब कक्षाएं देरी से शुरू हुई है तो परीक्षाएं भी देरी से हों।
सोमवार सुबह 10 बजे शांतिपूर्वक प्रदर्शन शुरू किया गया था। शाम 5 बजे जब विधि संकाय की डीन प्रोफेसर अंजू वाली टिक्कू संकाय से बाहर जाने लगीं तो छात्रों ने उनसे कहा कि इस मसले को सुलझा के ही जाएं। इसके बाद लगातार पुलिस बल की बढ़ोतरी होती गई और पुलिस ने जबरिया छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाना शुरू कर दिया।
इसके बावजूद छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। दिल्ली पुलिस के 100 से अधिक पुलिस जवान और अधिकारी मौके पर मौजूद थे। डूसू अध्यक्ष रौनक खत्री और संयुक्त सचिव लोकेश चौधरी भी प्रदर्शन में शामिल रहे। छात्र ने कहा कि जब तक परीक्षा की तिथि आगे नहीं बढ़ेगी प्रदर्शन जारी रहेगा।




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