
केरल उच्च न्यायालय ने केरल राज्य चिकित्सा परिषद (केएसएमसी) की अधिसूचना को बरकरार रखा है, जिसमें कोविड-19 और यूक्रेन में युद्ध के कारण ऑफ़लाइन कक्षाओं से चूकने वाले विदेशी छात्रों के लिए दो साल की अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप (सीआरएमआई) अनिवार्य की गई है।
अदालत ने अधिसूचना को चुनौती देने वाली दो छात्रों द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश पारित किया।
अदालत ने कहा कि यह शर्त व्यापक जनहित में शामिल की गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विदेशी मेडिकल स्नातकों को पर्याप्त व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ही स्थायी पंजीकरण प्रदान किया जाए, क्योंकि वे महामारी या युद्ध के कारण कक्षाओं में भाग लेने में असमर्थ थे।
केरल राज्य चिकित्सा परिषद ने कहा कि विदेशी मेडिकल स्नातक दो साल की सीआरएमआई पूरी करने के बाद ही स्थायी पंजीकरण के लिए पात्र होंगे। याचिकाकर्ताओं ने यह साबित करने के लिए कोई सामग्री पेश नहीं की कि उन्होंने ऑफ़लाइन कक्षाओं में भाग लेकर ऑनलाइन कक्षाओं की पर्याप्त भरपाई की है।




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