
अब नकल या धोखाधड़ी करने वाले विद्यार्थियों पर आपराधिक कानून में मामला दर्ज होगा। एनटीए में परीक्षाओं की सुचिता बनाए रखने, नकल, धोखाधड़ी, पेपर लीक जैसे घटनाओं की रोकथाम के लिए रिसर्च एंड डेवलेपमेंट सेल बनाने का फैसला लिया गया है। यह सेल देशभर के सेंटर, शिकायत आदि पर नजर रखेगा।
एनटीए वेबसाइट पर ऐसी शिकायतों के लिए अलग से पोर्टल बनेगा। यदि किसी सेंटर में छोटी भी शिकायत आती है तो तुरंत संबंधित टीम उसकी ऑडिट जांच करेगी। ऐसे सेंटर को तुरंत डीबार कर दिया जाएगा। नए नियमों में कदाचार करते पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता के तहत सीधे मामला दर्ज होगा।
अभी तक अदालत से ऐसे छात्रों के भविष्य को देखते हुए उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता था। लेकिन 2025 की परीक्षाओं से ऐसे छात्र कभी दोबारा परीक्षा, नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। अब कोई छात्र किसी दूसरे शहर में परीक्षा केंद्र की मांग करता है या एक ही परीक्षा केंद्र के लिए अलग-अलग शहरों या राज्यों के छात्र मांग करते हैं तो उनकी अब जांच होगी।
एनटीए ऐसा एआई टूल प्रयोग करेगा, जिसमें ऐसे उम्मीदवार और परीक्षा केंद्र शॉर्टलिस्टेड हो जाएंगे। रिसर्च एंड डेवलेपमेंट सेल के अधिकारी फोन पर ऐसे सेंटर की मांग करने वाले छात्रों से बाकायदा वेरिफिकेशन करेंगे। इसमें यदि छात्र पूछताछ में सही उत्तर देने में नाकाम होता है तो फिर उसको वह मनपसंद सेंटर नहीं मिलेगा।
जिस परीक्षा में दो लाख से अधिक छात्र होंगे, वह जेईई मेन की तर्ज पर कई शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। अभी तक इस तरह का कोई नियम नहीं था। परीक्षा केंद्र का हर कोना सीसीटीवी निगरानी में रहेगा। उसका रिकार्ड एक साल तक रहेगा। परीक्षा के दौरान हर 15 मिनट के बाद सीसीटीवी और छात्र के फोटो का मिलान होगा।




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