
गाँधी भवन दिल्ली विश्वविद्यालय, भारत विकास परिषद व पीजी मेंस हॉस्टल के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली विश्वविद्यालय के गाँधी भवन में मंगलवार को मकर संक्रांति व लोहड़ी महोत्सव के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक गाँधी भवन के निदेशक प्रो.के.पी. सिंह की टीम के साथियों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी साथियों को चंदन का तिलक लगाकर स्वागत किया। इस कार्यक्रम में डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो.बलराम पाणी, दक्षिणी परिसर के निदेशक प्रो. प्रकाश सिंह , प्रो. रंजन त्रिपाठी, कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता, राष्ट्र कवि जगदीश मित्तल, सुरेश जैन, संगठन मंत्री, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, प्रोफेसर हंसराज सुमन, प्रो. मनोज कुमार कैन, प्रो. मनोज सिन्हा, प्रो. विजयलक्ष्मी नंदा, डॉ.सुनील शर्मा, डॉ.वीएस नेगी, प्रो. ममता शर्मा, प्रो. रघुवंश सिंघल, प्रो. अजय कुमार सिंह के अलावा बहुत से कॉलेजों के प्रिंसिपल, डीन, विभागों के प्रोफेसर आदि की गरिमामय उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने मकर संक्रांति के इस पावन पर्व पर देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की।
मकर संक्रांति के महोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर अपने संबोधन में डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. बलराम पाणी ने कहा कि मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है, जो हमें नए आरंभ और समृद्धि का संदेश देता है। मकर संक्रांति का यह पर्व देश -विदेश में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस दिन लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं और तिल-गुड़, खिचड़ी के साथ इस त्यौहार का जश्न मनाते है। आज हमारे साथी प्रो.के पी सिंह ने मकर संक्रांति के अवसर पर मूंगफली, गजक, रेवड़ी व भोजन की व्यवस्था की है।
गाँधी भवन के निदेशक व कार्यक्रम संयोजक प्रो. के.पी. सिंह ने इस अवसर पर आए लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है जो नए आरंभ और समृद्धि का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हमारा देश पर्वो का देश है, यह हमारी आध्यात्मिक शक्ति का भी प्रतीक है। यदि आपको विविधता में एकता देखनी है तो मकर संक्रांति का पर्व चरितार्थ करता है। यह त्यौहार न केवल सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है बल्कि नई बल्कि नई ऊर्जा, उम्मीदों और खुशियों का आगाज़ भी है। उन्होंने आगे कहा कि इस साल महाकुंभ के चलते इस पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर आप अपने लोगों, चाहने वालों और रिश्तेदारों को हार्दिक शुभकामना संदेश दे। प्रो.सिंह ने बताया कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है जो हमारे जीवन में संचार का उल्लास करता है।




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