
तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री गोवी चेझियान ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के मसौदा नियम 2025 को राज्य के अधिकारों पर हमला करार देते हुए इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की।
मंत्री चेझियान ने कहा कि यदि ये नए नियम लागू होते हैं, तो राज्य की निर्वाचित सरकार की उच्च शिक्षा विभाग में भूमिका सीमित हो जाएगी। साथ ही, राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति में राज्यपालों को अधिक अधिकार मिल जाएंगे, जिससे राज्य सरकार का नियंत्रण कम हो जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य विश्वविद्यालयों पर “पूर्ण नियंत्रण” स्थापित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्त करने का अधिकार विधिवत निर्वाचित राज्य सरकार के पास रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “यूजीसी के नए मसौदा नियम राज्य सरकार के अधिकारों को कमजोर करेंगे, जिससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता भी प्रभावित होगी।” तमिलनाडु सरकार तब तक इन नियमों का विरोध करेगी जब तक कि केंद्र इन्हें वापस नहीं लेता।
चेझियान ने छात्रों और अभिभावकों से भी नए मसौदा नियमों का विरोध करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई समस्याएं खड़ी कर रही है। मंत्री ने आरोप लगाया कि “हर कोई जानता है कि कुलपतियों की नियुक्ति में कौन बाधा डाल रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने नौ राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर इन नए नियमों का संयुक्त रूप से विरोध करने का अनुरोध किया है।




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