
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज, 1 फरवरी को संसद में बतौर वित्त मंत्री रिकॉर्ड आठवां बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने कहा है कि इस बार का बजट गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं पर केंद्रित है। सरकार का ध्यान रोजगार पर है। सरकार नवाचार पर ध्यान दे रही है और कृषि के क्षेत्र में भी रोजगार बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। केंद्रीय बजट 2025 में शिक्षा के लिए 1,28,650.05 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष से 6.65 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपए का आवंटन हुआ था। इसमें करीब 1.21 लाख करोड़ रुपये स्कूली और उच्च शिक्षा के लिए थे।
इस बजट में सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा पर खास ध्यान देने की योजना बनाई है। शिक्षा में एआई को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले साल के 255 करोड़ रुपये से कहीं अधिक है। वित्त मंत्री ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शिक्षा के लिए उत्कृष्ट संस्थान की संस्थापना की जाएगी। मेडिकल कॉलेजों में 10 हजार अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी। सभी जिला अस्पतालों में डे केयर केंसर सेंटर बनाए जाएंगे। 2025-26 में ऐसे 200 सेंटर बनाए जाएंगे।
स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए डिजिटल किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। 5 आईआईटी में शिक्षा और बेहतर की जाएगी और आईआईटी पटना को वित्त पोषित किया जाएगा। पिछले 10 वर्ष में आईआईटी में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 65 हजार से बढ़कर 1.3 लाख होगी। 6500 और छात्रों को प्रवेश देने और उनके छात्रावास बनाने के लिए मदद दी जाएगी। IIT पटना में बुनियादी ढांचे को विस्तार दिया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने युवाओं को उद्योग से संबंधित कौशल प्रदान करने के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (National Centres of Excellence for Skilling) की घोषणा की। उन्होंने कहा, “इन केंद्रों की स्थापना वैश्विक साझेदारी (global partnerships) के साथ की जाएगी, जिससे ‘Make for India’ और ‘Make for the World’ को बढ़ावा मिलेगा।” इन केंद्रों में नए पाठ्यक्रमों का विकास, प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण, कौशल प्रमाणन ढांचा और नियमित मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण घटक शामिल होंगे।
सरकारी स्कूलों में नवाचार को बढ़ाने के लिए 50 हजार अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जाएंगी। भारतीय भाषा पुस्तक योजना शुरू की जाएगी ताकि भारतीय भाषाओं में शिक्षण को बढ़ावा दिया जा सके। स्किलिंग के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्ट संस्थानों की स्थापना होगी। यह मेक फॉर इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के उद्देश्य के तहत होगा। बिहार में राष्ट्रीय फूड टेक्नोलॉजी संस्थान शुरू किया जाएगा। इससे पूरे पूर्वी क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण क्षमताएं मजबूत करने में मदद मिलेगी।
आम बजट में विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और अन्य शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी श्रेणियों के लिए कई उम्मीदें बंधी हैं। पिछले कुछ वर्षों में, मोदी सरकार ने शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए बजट आवंटन में लगातार वृद्धि की है। 2024 के बजट में शिक्षा के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें से 73,498 करोड़ रुपये स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग को मिले थे।




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