
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय वार्षिक कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ इस बार 10 फरवरी को एक नए प्रारूप और शैली में आयोजित किया जाएगा। भारत मंडपम, दिल्ली में होने वाले इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होंगी, जो छात्रों को परीक्षा तनाव से निपटने और सफलता की ओर प्रेरित करेंगी।
3.56 करोड़ छात्रों ने कराया पंजीकरण
इस साल, ‘परीक्षा पे चर्चा’ ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसमें 3.56 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए हैं। इनमें 1.42 करोड़ छात्र, 12.81 लाख शिक्षक और 2.94 लाख स्कूल शामिल हैं। पिछले साल के 2.26 करोड़ पंजीकरणों की तुलना में यह 1.3 करोड़ की वृद्धि को दर्शाता है, जो इस कार्यक्रम की बढ़ती लोकप्रियता को साबित करता है।
बॉलीवुड से लेकर खेल जगत की हस्तियां होंगी शामिल
इस साल के कार्यक्रम में दीपिका पादुकोण, मैरी कॉम, अवनी लेखरा, रुजुता दिवेकर, सोनाली सभरवाल, विक्रांत मैसी, भूमि पेडनेकर, तकनीकी गुरुजी और राधिका गुप्ता जैसी प्रसिद्ध हस्तियां भी भाग लेंगी। इन हस्तियों के अनुभव और प्रेरणादायक कहानियां छात्रों को परीक्षा तनाव को कम करने में मदद करेंगी।
‘परीक्षा पे चर्चा’ का उद्देश्य
‘परीक्षा पे चर्चा’ का मुख्य उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के तनाव से मुक्त करना और इसे एक उत्सव के रूप में मनाने के लिए प्रेरित करना है। 2018 में शुरू हुआ यह कार्यक्रम अब एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है, जो पूरे देश में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ गहरा जुड़ाव बना रहा है।
स्कूल स्तर पर हुईं विभिन्न गतिविधियां
इस कार्यक्रम को एक जन आंदोलन बनाने के लिए 12 जनवरी (राष्ट्रीय युवा दिवस) से 25 जनवरी (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती) तक स्कूल स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें खेलकूद प्रतियोगिताएं (खो-खो, कबड्डी, मैराथन), क्रिएटिव मीम कॉन्टेस्ट, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर मेकिंग, योग और ध्यान सत्र जैसी गतिविधियां शामिल थीं।
पिछले संस्करणों की एक झलक
– पहले तीन संस्करण नई दिल्ली के टाउन-हॉल प्रारूप में आयोजित हुए थे।
– चौथा संस्करण कोविड-19 के कारण ऑनलाइन आयोजित हुआ।
– पांचवां, छठा और सातवां संस्करण फिर से टाकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली में हुआ।
– इस साल का आठवां संस्करण भारत मंडपम, दिल्ली में आयोजित होगा।
छात्रों के लिए प्रेरणादायक मंच
‘परीक्षा पे चर्चा’ सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक मंच है। यह पहल छात्रों को बेहतर परीक्षा प्रबंधन, तनाव मुक्त पढ़ाई और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करती है। प्रधानमंत्री मोदी की छात्रों के साथ सीधी बातचीत इसे और खास बनाती है, जिससे वे न केवल परीक्षा बल्कि जीवन की अन्य चुनौतियों से भी बेहतर तरीके से निपट सकें।




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