
अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन (शिक्षा मंत्रालय) में इस वक्त बड़े बदलाव हो रहे हैं। एलॉन मस्क के नेतृत्व में ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ (DOGE) मंत्रालय में काम कर रहे कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को AI चैटबॉट्स से बदलने की योजना बना रहा है। इन चैटबॉट्स का इस्तेमाल छात्रों और उनके माता-पिता के सवालों का जवाब देने के लिए किया जा सकता है। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकारी कर्मचारियों की संख्या घटाने की योजना का हिस्सा है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में शिक्षा मंत्रालय में 1600 कॉल सेंटर एजेंट्स काम कर रहे हैं, जो हर दिन 15,000 से अधिक स्टूडेंट लोन से जुड़े सवालों का जवाब देते हैं। लेकिन जैसे ही AI का इस्तेमाल बढ़ेगा, इन वर्कर्स की भूमिका कम हो सकती है। AI चैटबॉट्स सिस्टम एक्सेंचर के मौजूदा हेल्प डेस्क कॉन्ट्रैक्ट की जगह ले सकता है, जो 2019 से अब तक 700 मिलियन डॉलर से ज्यादा का है और जल्द ही समाप्त हो सकता है।
DOGE का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की संख्या में कटौती कर ऑटोमेशन को बढ़ावा देना है। शिक्षा मंत्रालय में AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल ऐसे समय हो रहा है जब सरकारी खर्चों में बड़ी कटौती की जा रही है, जिसमें कॉल सेंटर ऑपरेशंस के लिए फंडिंग में 38% की कमी शामिल है। हालांकि, कुछ अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर यह कदम उठाया जाता है, तो छात्रों और उधारकर्ताओं को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है। इस समय, शिक्षा मंत्रालय में 1600 कर्मचारियों की नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है।
DOGE के कर्मचारी कथित तौर पर पहले मंत्रालयों में कर्मचारियों की संख्या कम करने का विचार कर रहे हैं, और फिर AI आधारित सरकारी सेवाओं के मॉडल को स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। एलॉन मस्क AI के बड़े समर्थक हैं और वह OpenAI पर नियंत्रण चाहते हैं। इसके अलावा, उन्होंने खुद की AI कंपनी भी लॉन्च की है। सरकार में उनके सहयोगी भी लागत कम करने के उपाय के रूप में AI-पावर्ड ऑटोमेशन को बढ़ावा दे रहे हैं।




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