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एनसीटीई रेग्यूलेशन 2025 से शिक्षक बनने के नियमों में होंगे बदलाव, सरकार ने दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) के नए एनसीटीई रेग्यूलेशन 2025 को मंजूरी दे दी है। इस नए नियमन का मसौदा राज्यों और विश्वविद्यालयों को भेज दिया गया है, और वे 8 मार्च तक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। करीब 11 वर्षों बाद स्कूली शिक्षकों की शिक्षा और पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। अब पीजी के बाद एक वर्ष की बीएड, स्नातक के बाद दो वर्ष की बीएड, 12वीं के बाद चार वर्ष की बीएड और एमएड डिग्री की पढ़ाई को मंजूरी दी गई है। खास बात यह है कि 10 साल बाद एक वर्षीय बीएड डिग्री प्रोग्राम को दोबारा शुरू किया जा रहा है।

चार स्तरों के अनुसार होंगे शिक्षक तैयार
एनसीटीई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए यह नया रेगुलेशन तैयार किया है। एनईपी 2020 के तहत स्कूली शिक्षा को चार चरणों (फाउंडेशन, प्रीपेटरी, मिडिल और सेकेंडरी) में विभाजित किया गया है। इसी के अनुरूप शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी ढाला गया है। इसके तहत बीएड कार्यक्रमों का पुनर्गठन किया गया है, और स्नातक डिग्री के ढांचे में बदलाव के अनुसार ही नए शिक्षक तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा, क्रेडिट फ्रेमवर्क और करिकुलम को आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज, और वोकेशनल कोर्स को शामिल किया गया है। एमएड डिग्री प्रोग्राम को भी नया रूप दिया गया है, जिसमें फुल-टाइम और पार्ट-टाइम दोनों विकल्प होंगे।

बीएड डिग्री के नए प्रारूप
एक वर्षीय बीएड: चार वर्षीय स्नातक डिग्री या पीजी डिग्री पूरी कर चुके छात्र इसमें प्रवेश ले सकेंगे। यह प्रोग्राम 2014 में बंद कर दिया गया था, लेकिन अब एनईपी 2020 की सिफारिशों पर इसे 10 साल बाद फिर से शुरू किया जा रहा है।
दो वर्षीय बीएड: तीन वर्षीय स्नातक डिग्री पूरी करने वाले छात्र इस प्रोग्राम में दाखिला ले सकते हैं।
एमएड डिग्री: चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड और दो वर्षीय बीएड पूरा करने वाले छात्र इस प्रोग्राम में प्रवेश ले सकेंगे।

वर्तमान बीएड प्रोग्राम का विस्तार
चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड: 2023 में शुरू हुए बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड कार्यक्रमों का विस्तार किया गया है। 2025 के नए सत्र से इसमें फिजिकल एजुकेशन, आर्ट एजुकेशन, योग एजुकेशन और संस्कृत एजुकेशन के चार नए स्पेशलाइजेशन जोड़े जा रहे हैं। यह उन छात्रों के लिए उपयुक्त होगा, जो 12वीं के बाद ही शिक्षक बनना चाहते हैं।
दो वर्षीय बीएड: 750 कॉलेजों में पहले से संचालित दो वर्षीय बीएड प्रोग्राम को नए नियमों के अनुसार विस्तारित किया जाएगा। सभी कॉलेजों को मल्टी-डिसिप्लिनरी प्रोग्राम शुरू करने होंगे। नियमों का पालन न करने वाले कॉलेजों में यह कोर्स चार वर्षों के भीतर बंद कर दिया जाएगा।

इस नए नियमन से शिक्षकों की गुणवत्ता और प्रशिक्षण प्रक्रिया में सुधार होगा, जिससे स्कूली शिक्षा और मजबूत बनेगी।

Asmita Sarkar

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