
राजस्थान सरकार ने सोमवार को राज्य के सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के भविष्य को लेकर अपनी मंशा स्पष्ट की। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने विधानसभा में बताया कि प्रदेश में चल रहे सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का भविष्य अब मंत्रिमंडल की उप समिति के निर्णय पर निर्भर करेगा। यह जानकारी विधायक ललित मीणा के सवाल के जवाब में दी गई।
विधायक ललित मीणा ने सवाल किया कि 2019 में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले गए थे, लेकिन अधिकतर स्कूल सिर्फ दो कमरों में संचालित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हालांकि स्कूल खोले गए थे, लेकिन उन्हें पर्याप्त कक्षाएं और स्टाफ नहीं दिए गए, जिससे शिक्षा पर असर पड़ा। कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल में इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने वर्तमान सरकार से पूछा कि क्या वह इन स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं और शिक्षक नियुक्त करने पर विचार कर रही है?
इसके जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की सिर्फ घोषणा की थी, लेकिन बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई थीं। उन्होंने बताया कि कई स्कूल केवल दो कमरों में चल रहे हैं, जिससे छात्रों को कठिनाई हो रही है और पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
मंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर विचार करने के लिए मंत्रिमंडल की उप समिति बनाई गई है और इस समिति के निर्णय के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विधायक ललित मीणा ने यह भी सवाल उठाया कि हिंदी माध्यम के शिक्षक अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पढ़ाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। क्या सरकार अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों की नियुक्ति पर विचार कर रही है? इसके जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस पर विचार किया जा रहा है और मंत्रिमंडलीय उप समिति के निर्णय के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी।




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