
चाणक्य विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज की तरफ से आगामी 3 और 4 मार्च को “MOLSOFT और Chemaxon का उपयोग करके केमिनफॉर्मेटिक्स का परिचय” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन होने जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को केमिनफॉर्मेटिक्स (Cheminformatics) के प्रमुख सिद्धांतों और उपकरणों से परिचित कराना है, विशेष रूप से दवा अनुसंधान में इनके अनुप्रयोग पर ध्यान केंद्रित करते हुए।
कार्यशाला में मुख्य रूप से केमिनफॉर्मेटिक्स के सिद्धांत, Chemaxon और MOLSOFT सॉफ़्टवेयर के साथ व्यावहारिक अनुभव, लिगैंड बाइंडिंग विश्लेषण, और आणविक डॉकिंग की प्रक्रियाओं पर चर्चा होगी। वक्ता के रूप में ऑनलाइन सेशन को प्रो भूषण पटवर्धन और सुरोजीत साधु सम्बोधित करेंगे। केमिनफॉर्मेटिक्स का परिचय कराने वाले सत्र में केमिनफॉर्मेटिक्स के मूल सिद्धांतों को समझने और इसके आधुनिक दवा डिजाइन और आणविक अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा।
Chemaxon के साथ व्यावहारिक अनुभव वाले सत्र में अणु विश्लेषण और गुण भविष्यवाणी के लिए Chemaxon, एक अग्रणी केमिनफॉर्मेटिक्स सॉफ़्टवेयर, का उपयोग करते हुए व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। लिगैंड बाइंडिंग विश्लेषण के तहत प्रतिभागियों को प्रोटीन-लिगैंड इंटरैक्शन के अध्ययन और लिगैंड बाइंडिंग पॉकेट्स की संरचना को समझने की तकनीकें सिखाई जाएंगी। वहीं, प्रोटीन-प्रोटीन और प्रोटीन-लिगैंड डॉकिंग में आणविक डॉकिंग की प्रक्रिया को समझते हुए प्रोटीन और दवा उम्मीदवारों के बीच इंटरैक्शन की भविष्यवाणी की जाएगी।
वर्चुअल स्क्रीनिंग, ADMET पूर्वानुमान और QSAR के सत्र में वर्चुअल स्क्रीनिंग विधियों, ADMET (अवशोषण, वितरण, चयापचय, उत्सर्जन, विषाक्तता) गुणों और QSAR (मात्रात्मक संरचना-गतिविधि संबंध) की भविष्यवाणी पर ध्यान दिया जाएगा। वहीं, MOLSOFT के साथ व्यावहारिक अनुभव वाले सत्र में आणविक सिमुलेशन और ड्रग डिजाइन के लिए MOLSOFT सॉफ़्टवेयर के साथ कार्य करके इसके प्रभावी उपयोग पर चर्चा की जाएगी।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शोधकर्ताओं और छात्रों को केमिनफॉर्मेटिक्स के उपयोग और दवा अनुसंधान में इसकी संभावनाओं से परिचित कराना है, ताकि वे इन तकनीकों को अपने शोध और विकास कार्यों में प्रभावी रूप से लागू कर सकें।




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