
भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) के अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने घोषणा की कि संस्थान 15,000 और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर प्रशिक्षित करेगा। उन्होंने इस अवसर पर प्रौद्योगिकी को अपनाने और डिजिटल कौशल विकसित करने के महत्व पर जोर दिया।
अब तक 12,000 सीए को मिल चुका है AI प्रशिक्षण
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) बड़े पैमाने पर प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहा है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर एक विशेष समिति भी बनाई गई है। इसके अलावा, ICAI एक साल का सर्टिफिकेट प्रोग्राम भी प्रदान करता है, जिसके तहत अब तक 12,000 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को AI पर प्रशिक्षित किया जा चुका है।
ICAI के अध्यक्ष नंदा ने बताया कि संस्थान की योजना अगले 15,000 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को और प्रशिक्षित करने की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुख्य वित्तीय अधिकारियों (CFOs) को प्रौद्योगिकी को अपनाने की रणनीति बनानी चाहिए और इसे संगठन के सभी स्तरों तक पहुंचाना चाहिए। चरणजोत सिंह नंदा नई दिल्ली में उद्योग संगठन एसोचैम द्वारा आयोजित ‘CFO शिखर सम्मेलन और पुरस्कार समारोह’ में बोल रहे थे।
ICAI के 73वें अध्यक्ष बने चरणजोत सिंह नंदा
सीए चरणजोत सिंह नंदा, एफसीए, को 2025-26 के कार्यकाल के लिए ICAI के 73वें अध्यक्ष के रूप में चुना गया है। नंदा 1991 से चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत हैं और 34 वर्षों का व्यापक अनुभव रखते हैं। उन्होंने 1987 में एमएलएन कॉलेज से वाणिज्य स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में लगातार स्थान प्राप्त किया था।
ICAI का डिजिटल शिक्षा की ओर बढ़ता कदम
ICAI का यह निर्णय भारतीय वित्तीय पेशेवरों को AI और आधुनिक तकनीकों में कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। AI और डेटा एनालिटिक्स का ज्ञान भविष्य के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए बेहतर करियर संभावनाएं खोल सकता है और फाइनेंस सेक्टर में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा दे सकता है।




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