
निजी स्कूलों में आरक्षित आर्थिक पिछड़ा वर्ग (EWS) और वंचित वर्ग (DG) श्रेणी के उम्मीदवारों को मुफ्त किताबें, वर्दी और लेखन सामग्री दाखिले के एक हफ्ते के भीतर दी जाएगी। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय की निजी स्कूल शाखा की उप शिक्षा निदेशक, सुशिता बीजू ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
निदेशालय के अनुसार, स्कूलों को ईडब्ल्यूएस/डीजी श्रेणी के तहत दाखिला पाने वाले छात्रों से ट्यूशन फीस नहीं लेनी होगी। इसके अलावा, जोन की उप समिति की सिफारिश के अनुसार, उम्मीदवार के स्कूल में रिपोर्ट करने के सात दिन के भीतर प्रत्येक छात्र को मुफ्त किताबें, स्कूल वर्दी और लेखन सामग्री प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, स्कूल ईडब्ल्यूएस/डीजी श्रेणी के बच्चों के माता-पिता सहित सभी अभिभावकों के लिए एक परिचय सत्र आयोजित करेंगे।
जोन/डीएमसी की उप समिति द्वारा पारित आदेश अंतिम होगा, और स्कूल इन आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य होंगे। जोन की उप समिति द्वारा की गई जांच के अलावा उम्मीदवार को किसी और जांच का सामना नहीं करना पड़ेगा।
यदि कोई स्कूल इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ में चयनित उम्मीदवार का स्कूल किसी भी परिस्थिति में नहीं बदला जाएगा।
फर्जी दस्तावेज़ मिलने पर स्कूल आवंटन रद्द कर दिया जाएगा, और दस्तावेज़ सत्यापन के लिए रिपोर्ट करने में विफल रहने पर उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। वहीं, ईडब्ल्यूएस दाखिले में अभिभावकों का मार्गदर्शन करने वाले मिशन तालीम के संस्थापक एकरामूल हक ने बताया कि वर्तमान में चयनित उम्मीदवारों को मोबाइल पर जो एसएमएस भेजे जा रहे हैं, वे अंग्रेजी भाषा में होते हैं, जबकि उनकी मांग है कि यह संदेश हिंदी में भेजे जाएं।




Add comment