
केंद्र सरकार ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से देश भर में 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह जानकारी अरुणाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री, पासंग दोरजी सोना ने सदन को दी।
तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग (TCL) जिलों में सैनिक स्कूल स्थापित करने के संबंध में निर्दलीय विधायक लाइसम सिमाई द्वारा उठाए गए प्रश्न के उत्तर में मंत्री सोना ने बताया, “ऐसे संस्थानों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए गैर-सरकारी संगठनों, निजी संस्थानों और राज्य सरकार के स्वामित्व वाले स्कूलों के साथ साझेदारी के माध्यम से नए स्कूल की स्थापना संबद्धता के आधार पर की जाएगी।”
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ये नए सैनिक स्कूल मौजूदा सैनिक स्कूलों से अलग होंगे। सैनिक स्कूल सोसायटी द्वारा जिला मजिस्ट्रेटों और कलेक्टरों को पहले ही इस संबंध में पत्र भेजा जा चुका है।
उन्होंने इच्छुक पक्षों से एक निर्दिष्ट वेब पोर्टल के माध्यम से संबद्धता के लिए आवेदन करने का आग्रह किया। मंत्री ने कहा, “आवेदनों का मूल्यांकन सोसायटी द्वारा उसकी नीतियों, दिशा-निर्देशों, समझौता ज्ञापन और नियमों एवं विनियमों के अनुपालन के आधार पर किया जाएगा।”
सोना ने यह भी बताया कि सैनिक स्कूल रक्षा मंत्रालय के विवेक पर स्थापित किए जा रहे हैं। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहले टीसीएल क्षेत्र में सैनिक स्कूल स्थापित करने की योजना बनाई थी, लेकिन रक्षा मंत्रालय ने इसके बजाय पूर्वी सियांग जिले के निगलोक में सैनिक स्कूल (संचालनशील) की अनुमति दी है।
सैनिक स्कूल छात्रों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए शैक्षणिक, मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करते हैं। ये स्कूल सैनिक स्कूल सोसायटी के अधीन काम करते हैं, जिसका नियंत्रण रक्षा मंत्रालय के पास है।




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