
मध्य प्रदेश विधानसभा में मोहन यादव की सरकार ने 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस बजट का मुख्य उद्देश्य बेरोजगारी से जूझ रहे मध्यप्रदेश के युवाओं को रोजगार प्रदान करना है। सरकार ने 39 नए औद्योगिक क्षेत्रों में 3 लाख लोगों को रोजगार देने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, राज्य में 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने की योजना भी है।
शिक्षा और तकनीकी विकास के लिए पहल
वित्त मंत्री ने बताया कि IIT इंदौर के सहयोग से उज्जैन में डीप-टेक रिसर्च एंड डिस्कवरी कैंपस की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही, अगले 5 सालों में हर संभाग में IIT लेवल के MP इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की शुरुआत की जाएगी। इसके अतिरिक्त, PM ऊषा परियोजना के तहत 8 विश्वविद्यालयों और 27 कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 565 करोड़ रुपए का काम किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में डिजिटल यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय परिसर की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। कौशल विकास के लिए लोकमाता अहिल्या बाई कौशल विकास कार्यक्रम भी संचालित करने का प्रस्ताव है।
खेल और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े प्रावधान
बजट में प्रदेश में 9 अंतरराष्ट्रीय हॉकी टर्फ, 5 सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक और 56 खेल स्टेडियम की शुरुआत की योजना है। CM युवा शक्ति योजना के तहत सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम बनाने के लिए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, दूरदराज से आने वाले छात्रों के लिए 22 नए छात्रावास बनाए जाएंगे।
बजट में यह भी कहा गया कि जनजातीय विद्यार्थियों के लिए 23 हजार प्राथमिक स्कूल, 6800 माध्यमिक स्कूल, 1100 हाई स्कूल और 900 उच्चतर माध्यमिक स्कूल संचालित किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि अनुसूचित जनजातीय कैटेगरी के 50 विद्यार्थियों को सरकार विदेश में अध्ययन के लिए भेजेगी।
जनजातीय क्षेत्र में विकास
सरकार ने 11,300 से अधिक जनजातीय गांवों के कायाकल्प के लिए 200 करोड़ रुपए का बजट रखा है। इसके साथ ही, जनजातीय इलाकों में CM RISE स्कूलों के लिए 1,017 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया जा रहा है।




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