
प्राइवेट स्कूलों द्वारा विभिन्न प्रकार की सुविधाओं के लिए अभिभावकों से भारी शुल्क वसूलने और लगातार फीस बढ़ाने से माता-पिता परेशान हो गए हैं। इस बढ़ती हुई शुल्क वृद्धि पर नियंत्रण लगाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार अब कार्रवाई करने की तैयारी में है। राज्य सरकार जल्द ही विधानसभा में एक बिल पेश कर सकती है, जो प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाएगा।
शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्राइवेट स्कूलों में बेलगाम फीस वृद्धि पर काबू पाने के लिए एक बिल लाने का योजना बना रही है। बीजेपी विधायक के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ चर्चा की गई है और उनके मार्गदर्शन के तहत इस संबंध में कदम उठाने का फैसला लिया गया है।
मीडिल क्लास परिवारों की बढ़ती मुश्किलें
बसु ने कहा, “प्राइवेट स्कूलों में फीस वृद्धि के कारण मीडिल क्लास परिवारों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है, जिससे उनका बजट बिगड़ रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर हम इस विषय पर एक बिल लाने का निर्णय लिया है।” हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह बिल कब पेश किया जाएगा। मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस बिल का क्रियान्वयन राज्यपाल की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
उन्होंने कहा, “इस बिल का क्रियान्वयन राज्यपाल की मंजूरी पर निर्भर करेगा, जब वे इसे मंजूरी देंगे, तभी इसे लागू किया जा सकेगा।”
प्राइवेट स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता की सराहना
हालांकि, मंत्री ने प्राइवेट स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता की सराहना भी की। उन्होंने कहा, “हमें सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से मेधावी छात्र मिलते हैं जो अंततः समाज में अच्छे पदों पर स्थापित होते हैं।”




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