
अगर किसी को अंग्रेजी बोलना नहीं आता तो इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि उसे कम नॉलेज है, लेकिन अक्सर लोग इसे इसी तरह समझ लेते हैं। हरिद्वार के अर्पित मित्तल ने इस समस्या का खुद सामना किया और इसके समाधान के लिए एक अनोखा कदम उठाया। अंग्रेजी पढ़ने-लिखने में अर्पित को कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन बोलने में उन्हें हिचकिचाहट महसूस होती थी। इसका नतीजा यह हुआ कि कॉलेज में अंग्रेजी बोलने वाले उनके दोस्त नहीं बने, जॉब इंटरव्यू में समस्याएं आईं, और यहां तक कि प्रमोशन भी आसानी से नहीं मिला। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए, अर्पित मित्तल ने 2023 में SpeakX नामक एक एआई स्टार्टअप की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य लोगों को आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी बोलने में मदद करना है।
अर्पित मित्तल का सफर
अर्पित की स्कूलिंग हरिद्वार से हुई और फिर उन्होंने वीआईटी वेल्लोर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद, उन्होंने कुछ सालों तक नौकरी की और फिर 2011 में बिजनेस की दिशा में कदम रखा। 2020 में कोविड के दौरान उन्होंने Yellow Class नामक एक स्टार्टअप की शुरुआत की, जो बच्चों को स्ट्रीमिंग के माध्यम से ड्रॉइंग, पेंटिंग, डांस, जीके, इंग्लिश और गणित सिखाता था। हालांकि, इस स्टार्टअप को स्केल करने में कई समस्याएं आईं, और अर्पित को यह एहसास हुआ कि अंग्रेजी बोलने में कठिनाई किस तरह लोगों के करियर और सामाजिक जीवन को प्रभावित करती है।
अंग्रेजी सीखने का एआई तरीका
अर्पित ने यह देखा कि न केवल बच्चों को, बल्कि उनके माता-पिता को भी अंग्रेजी बोलने में दिक्कतें होती थीं। बच्चों के स्कूल की पैरेंट-टीचर मीटिंग में अपने माता-पिता को अंग्रेजी न बोल पाने के कारण शर्मिंदगी होती थी। इस समस्या से निपटने के लिए अर्पित ने नवंबर 2023 में SpeakX की शुरुआत की। यह प्लेटफॉर्म लोगों को इंग्लिश बोलने के लिए प्रेरित करता है और उन्हें एक एआई मॉडल से बातचीत करने का अवसर देता है।
SpeakX में एक जनरेटिव एआई मॉडल का इस्तेमाल किया गया है, जो इंसान की तरह बातचीत कर सकता है, लेकिन बिना किसी दबाव के। इस मॉडल में एक गाइडेड तरीके से संवाद होता है, ताकि लोग विषय से भटकें नहीं। अगर वे बात करते हुए इधर-उधर की बातें करने लगते हैं, तो एआई उन्हें वापस मुख्य मुद्दे पर लाता है। यह प्लेटफॉर्म पहले बच्चों के लिए शुरू किया गया था, लेकिन बाद में देखा गया कि ज्यादा संख्या में माता-पिता इसका इस्तेमाल करने लगे। इस बदलाव के साथ, बिजनेस का ध्यान अब पैरेंट्स पर केंद्रित हो गया।
वित्तीय वृद्धि और विस्तार
2021 में Yellow Class ने 70 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई थी। हालांकि, नए ब्रांड SpeakX में किसी प्रकार की नई फंडिंग नहीं जुटाई गई है, लेकिन पुराने निवेशक अब भी इस कंपनी में जुड़े हुए हैं। शुरुआत में कंपनी के पास केवल 10,000 पेड सब्सक्राइबर्स थे, लेकिन अब उनकी संख्या 1 लाख से अधिक हो गई है। कंपनी ने अपनी सदस्यता 300 रुपये प्रति माह की दर पर उपलब्ध कराई है और इसका एक फ्री मॉडल भी है, जिससे लगभग 10 प्रतिशत यूज़र्स पेड सदस्यता ले लेते हैं। अर्पित बताते हैं कि कंपनी का 60 प्रतिशत कारोबार टीयर 2 और टीयर 3 शहरों से आ रहा है।
भविष्य के लिए योजनाएं
मौजूदा समय में SpeakX हिंदी से अंग्रेजी सिखाता है और यह यूपी, बिहार, राजस्थान, दिल्ली जैसे हिंदी भाषी राज्यों में उपलब्ध है। भविष्य में, कंपनी तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी जैसे भाषाओं में बात करने वाले लोगों को भी इंग्लिश सिखाने का विचार कर रही है।
अर्पित मित्तल के SpeakX प्लेटफॉर्म का उद्देश्य सिर्फ अंग्रेजी सिखाना नहीं, बल्कि एक एआई-संचालित संवाद के माध्यम से लोगों के आत्मविश्वास को बढ़ाना है, ताकि वे किसी भी अवसर पर अंग्रेजी बोलने में सहज महसूस कर सकें।




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