
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी एनएचआरसी (NHRC) ने कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी यानी केआईआईटी (KIIT) में 20 वर्षीय नेपाली बी.टेक छात्रा की आत्महत्या के मामले में अधिकारियों की लापरवाही पाए जाने पर संज्ञान लिया है। इस मामले में आयोग ने ओडिशा सरकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी (UGC) और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
एनएचआरसी ने नेपाली छात्रा, प्रकृति लामसाल की मौत की जांच के लिए 27 मार्च को अपनी वेबसाइट पर एक स्थिति रिपोर्ट जारी की, जिसमें कहा गया कि आयोग ने ओडिशा के मुख्य सचिव, खुर्दा जिले के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस आयुक्त, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) के अध्यक्षों से रिपोर्ट मांगी है।
नेपाली महिला का शव 16 फरवरी को केआईआईटी परिसर में स्थित उसके छात्रावास के कमरे से बरामद किया गया था। इसके बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया, और इस दौरान प्रदर्शनकारी हिमालयी देश के छात्रों पर हमला किया गया और उन्हें जबरन बाहर निकालने की घटना सामने आई।
इस घटना के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया था, और नेपाल के प्रधानमंत्री ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया था।




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